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भ्रष्टाचार पर अंकुश, समय से डिलीवरी: 2021 चुनावों के लिए ममता ने कैसे बनाई 'नई TMC'

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी की फाइल फोटो (फोटो- PTI)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी की फाइल फोटो (फोटो- PTI)

भारतीय राजनीति में इस समय ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), पीएम मोदी (PM Narendra Modi) की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानी जाती हैं. उनके शासन को बंगाल (West bengal) में एक साल बाद 10 साल पूरे हो जाएंगे, इस दौरान वह अपनी गुस्सैल छवि को पीछे छोड़ अपनी पार्टी को अगले चुनाव के लिए तैयार कर रही हैं.

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सुजीत नाथ

कोलकाता. "यह मेरी संवैधानिक बाध्यता (constitutional obligation) थी ... भूल बूझबेन ना (मुझे गलत न समझें)," पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने 11 जनवरी, 2020 को हाथ जोड़कर कहा था. तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख के एक फायरब्रांड नेता से एक विनम्र राजनेता के रूप में इस बदलाव ने प्रदर्शनकारियों को आश्चर्यचकित कर दिया था. जो यह जानना चाहते थे कि वह क्या वजह थी, जिसके चलते वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की सबसे मजबूत आलोचक होने के बाद भी कोलकाता (Kolkata) के राजभवन में उनसे मिलने के लिए मजबूर हुईं.

उस दिन, पीएम मोदी (PM Modi) से मिलने के बाद, ममता नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एस्प्लानेड गई थीं, जहां वह वाम आंदोलनकारियों के एक समूह के सामने आ गईं, जिन्होंने उन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गुप्त राजनीतिक सांठगांठ का आरोप लगाया. उन्होंने "दीदी वापस जाओ, मोदी वापस जाओ" के नारों के बीच हाथ जोड़कर कहा, "कृपया मुझे गलत न समझें... यह उनसे मिलना मेरा संवैधानिक दायित्व था,"



नेताओं के मूल्यांकन के लिए ममता बनर्जी ने लागू की योजना
टीएमसी में कई और यहां तक ​​कि कुछ विरोधी खेमे को लगा कि यह उनका 'मास्टरस्ट्रोक' है. उन्होंने कहा कि अगर यह "पुरानी गुस्सैल दीदी" होती, तो पुलिस उन लोगों का पीछा करती और इसे ममता बनर्जी की "रणनीतिक भूल" के रूप में देखा जाता.

कुछ दिनों बाद, उन्होंने चुपचाप तृणमूल कांग्रेस में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों, भ्रष्ट पार्टी नेताओं की पहचान करने और रियल टाइम में नेताओं का आकलन करने के लिए एक सिस्टम-संचालित मूल्यांकन योजना लागू की.

बारकोड संचालित निमंत्रण पत्र से पार्टी नेताओं की गंभीरता का आकलन
टीएमसी ने पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, कैडरों के लिए बारकोडेड निमंत्रण कार्ड भी पेश किए, जो पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए एक्सेस कार्ड के रूप में काम करेंगे, विशेष रूप से उन लोगों को संबोधित किया जाएगा/ जिनकी अध्यक्षता पार्टी प्रमुख खुद करेंगी.

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बारकोडेड निमंत्रण पत्र, पार्टी मीटिंग में अनुपस्थित लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए एक सुविचारित कदम था. 2 मार्च, 2020 को नेताजी इंडोर स्टेडियम में नगरपालिका चुनावों में ममता की मेगा पार्टी से पहली बार बारकोड से संचालित निमंत्रण कार्ड का उपयोग किया गया था.
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