PM मोदी ने की सचिवों से मुलाकात, दिया अपनी जीत का श्रेय

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मतदाता ने अगले पांच सालों के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार की है और अब हमारे सामने एक अवसर है. उन्होंने कहा कि लोगों की भारी उम्मीदों को एक चुनौती के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

News18Hindi
Updated: June 10, 2019, 10:38 PM IST
PM मोदी ने की सचिवों से मुलाकात, दिया अपनी जीत का श्रेय
PM मोदी ने की सचिवों से मुलाकात, दिया अपनी जीत का श्रेय
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Updated: June 10, 2019, 10:38 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने निवास लोक कल्याण मार्ग पर भारत सरकार के सभी सचिवों से मुलाकात की. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण और डॉ जितेंद्र सिंह मौजूद रहे.

बातचीत की शुरुआत में कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने याद करते हुए कहा कि कैसे प्रधानमंत्री ने सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान निदेशक/उप सचिव स्तर तक के सभी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत की.



अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट सचिव ने दो महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया जो सचिवों के सेक्टोरल ग्रुप्स के समक्ष रखे जाएंगे: (ए) प्रत्येक मंत्रालय के लिए एक पांच वर्षीय योजना दस्तावेज जिसमें अच्छी तरह से परिभाषित लक्ष्य एवं माइलस्टोन हो. (बी) प्रत्येक मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण प्रभावी निर्णय, जिसके लिए 100 दिन के अंदर मंजूरी ली जाएगी.

इस दौरान विभिन्न सचिवों ने प्रशासनिक निर्णय लेने, कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, आईटी पहल, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य देखभाल, औद्योगिक नीति, आर्थिक विकास, कौशल विकास आदि विषयों पर अपनी दृष्टि और विचारों को साझा किया.

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2014 में सचिवों के साथ अपनी पहली ऐसी बातचीत को याद किया. उन्होंने कहा कि हाल ही संपन्न हुए चुनावों को प्रो-इनकंबेंसी बताया गया, इसके लिए अधिकारियों की पूरी टीम को श्रेय जाना चाहिए जिन्होंने पिछले पांच सालों में कड़ी मेहनत की, योजनाओं की कल्पना की और जमीन पर उत्कृष्ट परिणाम दिए. उन्होंने कहा कि इस बार के चुनावों में सकारात्मक वोट पड़े, जो कि उस विश्वास से उभरा जिसे आम आदमी अपने दिन-प्रतिदिन के अनुभवों के आधार पर महसूस करता है.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मतदाता ने अगले पांच सालों के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार की है और अब हमारे सामने एक अवसर है. उन्होंने कहा कि लोगों की भारी उम्मीदों को एक चुनौती के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि जनादेश यथास्थिति को बदलने के लिए और बेहतर जीवन के लिए लोगों की इच्छा और आकांक्षाओं को दर्शाता है.
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जनसांख्यिकी लाभांश की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि जनसांख्यिकी का कुशलता से उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में केंद्र सरकार के प्रत्येक विभाग और प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिले की भूमिका है. उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पर भी बात की और कहा कि  ‘मेक इन इंडिया’ पहल के महत्व और इस दिशा में वास्तविक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में भारत की प्रगति छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए अधिक सुविधा के तौर पर नजर आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्रालय को 'ईज ऑफ लिविंग' पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि जल, मछली पालन और पशुपालन भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे.

उन्होंने कहा कि आज बातचीत के दौरान, उन्होंने देखा है कि सचिवों में देश को आगे ले जाने के लिए दृष्टि, प्रतिबद्धता और ऊर्जा है. उन्होंने कहा कि उन्हें टीम पर गर्व है. उन्होंने सभी से प्रत्येक विभाग में परिणामों और दक्षता में सुधार करने के लिए तकनीक के उपयोग करने का आग्रह किया.

प्रधान मंत्री ने कहा कि सभी विभागों को आजादी के 75 वर्षों के आगामी मील के पत्थर का लाभ उठाना चाहिए, जो लोगों को देश की भलाई के लिए योगदान करने के लिए प्रेरित कर सकता है. उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी से कड़ी मेहनत का आग्रह किया.

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