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सीआरपीएफ जवान का दर्द- ड्यूटी सबसे ज्यादा हम करें, तकलीफ भी हम ही झेलें

सीआरपीएफ जवान का दर्द- ड्यूटी सबसे ज्यादा हम करें, तकलीफ भी हम ही झेलें

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो मैसेज के बाद उठे बवाल के बाद अब सीआरपीएफ ने भी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं. सीआरपीएफ में कांस्टेबल जीत सिंह ने कहा कि आर्मी को पेंशन भी मिलती है और हमारी तो वो भी बंद हो गई. 20 साल का बाद हम नौकरी छोड़कर जाएंगे तो क्या करेंगे?

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  • Pradesh18
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    बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो मैसेज के बाद उठे बवाल के बाद अब सीआरपीएफ ने भी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं.

    सीआरपीएफ में कांस्टेबल जीत सिंह ने न्यूज18 इंडिया से साझा किए गए वीडियो में कहा, मैं टीवी चैनल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश देना चाहता हूं. हम सीआरपीएफ वाले देश के अंदर कौन सी ऐसी ड्यूटी है जो नहीं करते हैं? लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनावों से लेकर ग्राम पंचायतों के चुनाव में भी हम ड्यूटी करते हैं.

    इसके अलावा, वीआईपी सिक्योरिटी, वीवीआईपी सिक्योरिटी, संसद भवन, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे...कोई भी ऐसी जगह नहीं जहां पर सीआरपीएफ के जवान अपना योगदान देते हैं.

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    इतना सब कुछ करने के बावजूद भी इंडियन आर्मी के मुकाबले सीआरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बलों में इतना अंतर है कि आप सुनोगे तो हैरान रह जाओगे. यही बात मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं.

    हमारे देश के अंदर कई स्कूलों में शिक्षकों को 50-60 हजार रुपए वेतन मिलता है और साल में कई छुट्टियां भी. वे लोग हर त्योहार घर में मनाते हैं. वहीं हमलोग छत्तीसगढ़, झारखंड के जंगलों में तो कोई जम्मू-कश्मीर के वादियों में ड्यूटी करते हैं.

    हमें ना तो कोई वेलफेयर मिलता है और ना ही कोई तय वक्त पर छुट्टियां. हमारे इस दुख को समझने वाला कोई नहीं है दोस्तों. क्या हमलोग इसके हकदार नहीं हैं. इतनी तकलीफ झेलने के बाद भी हमारे साथ ऐसा क्यों?

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    आर्मी को पेंशन भी मिलती है और हमारी तो वो भी बंद हो गई. 20 साल का बाद हम नौकरी छोड़कर जाएंगे तो क्या करेंगे? कैंटिन की सुविधा नहीं, एक्स सर्विसमेन की सुविधा नहीं...मेडिकल की सुविधा नहीं....

    ड्यूटी सबसे अधिक हमें करनी पड़ती है. आर्मी को जो सुविधाएं मिलती हैं हमें उससे ऐतराज नहीं, उन्हें मिलनी चाहिए. लेकिन हमारे साथ ही भेदभाव क्यों, हमें भी तो मिलनी चाहिए. यदि आप हमारी बातों से सहमत हैं तो जरूर इस वीडियो को शेयर करें.

    ऐसे में जीत सिंह के इन दावों के बाद एक बार अर्धसैनिक बलों की हालत सबके सामने आई है. दुर्गम इलाकों में भी कठिन ड्यूटी और समर्पण को लेकर इनका चिंता जायज लगती है.

    Tags: CRPF

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