J-K: मेरी तरफ नहीं, आतंकी की तरफ देखो, घायल होने के बावजूद मनोबल बढ़ाता रहा CRPF जवान

आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर (फोटो-ANI)
आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर (फोटो-ANI)

सीआरपीएफ डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर ने घायल होने के बावजूद दो आतंकियों (Terrorist) को ढेर कर दिया और अपने घायल साथी को मुठभेड़ स्थल से सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद वह अचेत हो गए. जब उन्हे होश आया तो खुद को बादामी बाग स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में उपचाराधीन पाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 10:25 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में श्रीनगर के बटमालू इलाके में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ (Encounter) में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी (Terrorist) मारे गए थे. वहीं इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर समेत दो सुरक्षकर्मी घायल हो गए थे. घायल होने के बावजूद डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर अपने लिए एंबुलेंस मंगवाने के बजाए साथियों का मनोबल बढ़ा रहे. उन्होंने साथी जवानों से कहा,  'घबराओ मत, मैं ठीक हूं. यह मामूली जख्म है. आप सभी मेरी तरफ नहीं, आतंकी की तरफ देखो. पहले मुझे अपना टास्क पूरा करना है, इलाज तो बाद में भी हो जाएगा.'

इतना ही नहीं, डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर ने घायल होने के बावजूद दो आतंकियों को ढेर कर दिया और अपने घायल साथी को मुठभेड़ स्थल से सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि इसके बाद माथुर अचेत हो गए. लेकिन जब उनकी आंख खुलीं तो वह बादामी बाग स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में उपचाराधीन थे. यही नहीं, इस जाबांज सिपाही ने गोलीबारी के बीच अपनी टीम के साथ घरों में फंसी महिलाओं और बच्चों को भी सुरक्षित निकाला. इस मुठभेड़ में कुल तीन आतंकी मारे गए.

अधिकारियों ने बताया कि वहां आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना के बाद राहुल माथुर ने अपने दस्ते के साथ बटमालू के फिरदौसाबाद इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिसके बाद मुठभेड़ शुरु हो गई. इस दौरान आतंकियों द्वारा दागी गई गोलियों से माथुर घायल हो गए. उनका एक साथी भी इस दौरान जख्मी हुआ, लेकिन मुठभेड़ स्थल से हटने और अपने लिए डॉक्टर तलाशने के बजाय उन्होंने पहले अपने जख्मी साथी को सुरक्षित वहां से निकाला और इसके बाद वह अन्य आतंकियों के साथ मुकाबले मे जुट गए. इस दौरान अपने साथियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि मैं ठीक हूं, मुझे नहीं आतंकी की तरफ देखो.





हिजबुल से जुड़े थे सभी आतंकी

एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मारे गये आतंकवादियों की पहचान जाकिर अहमद पॉल, उबैर मुश्ताक भट्ट और आदिल हुसैन भट्ट के रूप में की गयी है. प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ये सभी आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबद्ध है. वे श्रीनगर शहर और दक्षिण कश्मीर में हुए कई हमलों में शामिल थे.’ जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए सभी तीन आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के स्थानीय बाशिंदे थे.

अब तक मारे गए 177 आतंकी

डीजीपी ने कहा, ‘‘शांति के संदर्भ में, 2020, 2019 की तुलना में हर मापदंड में बेहतर है. इस साल हमने 72 अभियान चलाए जिनमें 177 आतंकवादी मारे गये, जिनसे से 12 जम्मू में मारे गए हैं.’ उन्होंने बताया कि इन 177 में से 22 दहशतगर्द पाकिस्तान के हैं. यह दिखाता है कि पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों में सीधे शामिल है.
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