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Pulwama Attack: शहीदों को देश का सलाम, पुलवामा में स्मारक का हुआ उद्घाटन

News18Hindi
Updated: February 14, 2020, 11:41 AM IST
Pulwama Attack: शहीदों को देश का सलाम, पुलवामा में स्मारक का हुआ उद्घाटन
पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि.

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा (Pulwama Attack) में बीते साल 14 फरवरी को आतंकवादियों ने CRPF के काफिले पर हमला किया था. इस कायराना हरकत में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. शहीदों की याद में पुलवामा के लेथपुरा कैंप में स्मारक बनाया गया है, जिसका उद्घाटन आज किया गया.

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  • Last Updated: February 14, 2020, 11:41 AM IST
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श्रीनगर. पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) की आज पहली बरसी है. पूरा देश आज एकजुटता के साथ शहीदों को याद कर रहा है. 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. उनकी याद में पुलवामा के लेथपुरा कैंप में एक स्मारक बनाया गया है, जिसका उद्घाटन आज किया गया. महाराष्ट्र के उमेश यादव ने यहां पर कलश सौंपा है, जिसमें सभी चालीस जवानों के घर की मिट्टी है. अब इस कलश को इसी स्मारक में रखा जाएगा.

पीएम मोदी ने शहीदों को किया सलाम
पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने लिखा- 'पिछले साल पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि. वे असाधारण व्यक्ति थे जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा.'

CRPF ने शहीदों को ऐसे किया याद
CRPF ने ट्वीट लिया,  "तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं. गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं." ट्वीट में आगे लिखा गया, 'हम अपने उन भाईयों को सलाम करते हैं जिन्होंने पुलवामा में राष्ट्र की सेवा के दौरान अपने प्राण का बलिदान दिया, हमने अभी तक उसे भूलाया नहीं है. हम अपने बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हैं.'



पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान हुए थे शहीद (फाइल फोटो)


गृह मंत्रालय ने दी थी ये अनुमति
गृह मंत्रालय ने इस तरह के किसी भी हमले की आशंका से बचने के लिए सीआरपीएफ को अपने जवानों को वायु मार्ग से ले जाने की अनुमति दी थी.


जम्मू कश्मीर सरकार ने जवानों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सप्ताह में दो दिन निजी वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद बाद में आदेश को रद्द कर दिया गया.

 बुलेट-प्रूफ बनाने की प्रक्रिया तेज
जवानों को ले जाने वाले वाहनों को बुलेट-प्रूफ बनाने की प्रक्रिया को तेज किया गया और सड़कों पर बंकर जैसे वाहन देखे जाने लगे. यह स्मारक उस स्थान के पास सीआरपीएफ कैंप के अंदर बनाया गया है जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अदील अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी कार सुरक्षा बलों के काफिले से टकरा दी थी. इस हमले में 40 कर्मियों की मौत हो गई थी.

इस हमले के लगभग सभी षडयंत्रकारियों को मार गिराया गया है और जैश-ए-मोहम्मद का स्वयंभू प्रमुख कारी यासिर पिछले महीने मारा गया.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: February 14, 2020, 6:22 AM IST
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