SPG के नक्शेकदम पर CRPF, वीआईपी सेक्‍योरिटी ट्रेनिंग कोर्स अपग्रेड करने की तैयारी

कोर्स के पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी चल रही है. (File pic PTI)

कोर्स के पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी चल रही है. (File pic PTI)

ग्रेटर नोएडा के वीआईपी सेक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर के दौरे पर गए सीआरपीएफ (CRPF) डीजी कुलदीप सिंह ने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ वीआईपी सेक्योरिटी से कोर्स करिकुलम को एसपीजी से तुलना करने को कहा था.

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नई दिल्‍ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ (CRPF) अब स्‍पेशल प्रोटेक्‍शन ग्रुप (SPG) की राह पर चलेगी. एसपीजी की तर्ज पर अब सीआरपीएफ अपने वीआईपी सेक्‍योरिटी ट्रेनिंग कोर्स के पाठ्यक्रम को अपग्रेड करने की तैयारी कर रही है. मौजूदा समय में सीआरपीएफ का वीआईपी सेक्‍योरिटी ट्रेनिंग सेंटर ग्रेटर नोएडा में है.

इस समय वीएसटीसी पूरे शरीर की मजबूती के लिए कसरत कराती है, रोप बैटलिंग,आक्रामक क्षमता ड्रिल जिसे अग्रेशन डिटरमिनेशन पेरसिस्टेन्स ड्रिल कहा जाता है, हमला और रक्षा तकनीक, मोटरकेड ड्रिल्स की ट्रेनिंग देती है.

हाल ही में ग्रेटर नोएडा के वीआईपी सेक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर के दौरे पर गए सीआरपीएफ डीजी कुलदीप सिंह ने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ वीआईपी सेक्योरिटी से कोर्स करिकुलम को एसपीजी से तुलना करने को कहा था. साथ ही उन्‍होंने सीआरपीएफ की वीआईपी सेक्योरिटी यूनिट के पास मौजूद इक्विपमेंट और ट्रेनिंग की जरूरतों को एसपीजी की तरह अपग्रेड करने को कहा था.

इसके अलावा डीजी के दौरे के दौरान लो मेडिकल केटेगरी/ओवरवेट पर्सनेल के मुद्दे पर भी चर्चा की गई थी. मेडिकल ऑफिसर्स को न सिर्फ ओवरवेट लोगों को वज़न घटाने बल्कि किस तरह से वज़न घटाया जाए इसकी तकनीक की भी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए.
वीआईपी सेक्योरिटी ड्यूटी में तैनात पर्सनल/ऑफिसर्स को कोई स्पेशल अलाउंस नहीं मिलता है. ऐसा देखा गया है कि इसकी वजह से अफसर/जवान वीआईपी सेक्योरिटी ड्यूटी के लिए नहीं जाना चाहते. इस मसले को लेकर भी डीजी की मौजूदगी में ग्रुप सेन्टर में चर्चा हुई और ये तय किया गया कि अगर कोई अफसर या जवान वीआईपी सेक्योरिटी ड्यूटी के लिए फिट है तो उसे ये ड्यूटी करनी पड़ेगी, चाहे वो ड्यूटी करना चाहता हो या नहीं.

सीआरपीएफ गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई दूसरे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराती है. जबकि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप सिर्फ प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराती है.




प्रधानमंत्री की सुरक्षा की 'ब्लू बुक' समय समय पर कैबिनेट सेक्रेटेरिएट के तहत सेक्रेटरी, सिक्योरिटी अपडेट करता है. इसके और एसपीजी की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां बेहद संवेदनशील होने के कारण क्लासीफाइड होती हैं.

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