कश्मीर में सीआरपीएफ ने ‘मददगार’ हेल्पलाइन के लिए नया नंबर जारी किया

CRPF अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में कर्फ्यू के कारण इसका आधिकारिक नंबर 14111 काम नहीं कर रहा है.

News18Hindi
Updated: August 11, 2019, 4:50 PM IST
कश्मीर में सीआरपीएफ ने ‘मददगार’ हेल्पलाइन के लिए नया नंबर जारी किया
CRPF अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में कर्फ्यू के कारण इसका आधिकारिक नंबर 14111 काम नहीं कर रहा है.
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Updated: August 11, 2019, 4:50 PM IST
श्रीनगर स्थित सीआरपीएफ (CRPF) हेल्पलाइन ने रविवार को लोगों के लिए नया नंबर जारी किया. यह नंबर खासकर कश्मीर (Kashmir) के उन लोगों के लिए है, जिन्हें अपने परिवार के लिए मदद चाहिए या जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद जो मुश्किल में हैं.

‘मददगार’ (Madadgar)हेल्पलाइन ने ट्विटर पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि लोग उसके मोबाइल नंबर 9469793260 पर ‘‘किसी भी तरह के सहयोग या जानकारी’’ के लिए कॉल कर सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में कर्फ्यू के कारण इसका आधिकारिक नंबर 14111 काम नहीं कर रहा है.

ट्विटर (Twitter)पर जारी संदेश में यह भी कहा गया कि इसके आधिकारिक हैंडल सीआरपीएफ मददगार पर भी सहयोग मांगा जा सकता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Jammu And Kashmir And Ladakh)के विभिन्न हिस्सों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए काफी संख्या में लोग हेल्पलाइन पर फोन कर रहे हैं. हेल्पलाइन उन्हें सभी मौजूदा सूचनाओं के साथ सहयोग कर रहा है और चूंकि पुराने नंबर 14111 में समस्या आ रही है इसलिए नया नंबर जारी किया गया है.

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गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah)ने सोमवार को राज्यसभा (Rajya Sabha)और मंगलवार को लोकसभा (Lok Sabha)में जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन कर जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख (Jammu and Kashmir and Ladakh) को दो केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territory) में विभाजित करने तथा अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प पेश किया था.

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गृह मंत्री की ओर से पेश संकल्प में कहा गया था, 'भारत के राष्ट्रपति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत इस सदन में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 विचार के लिये भेजा है .' इसमें कहा गया है कि 19 दिसंबर 2018 को राष्ट्रपति की अधिघोषणा के बाद जम्मू कश्मीर राज्य विधायिका की शक्ति इस सदन को है . यह सदन जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को विचार के लिये स्वीकार करता है . उन्होंने कहा कि हम दो केंद्रशासित प्रदेश बना रहे हैं जिसमें जम्मू कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि लद्दाख बिना विधायी वाला केंद्रशासित क्षेत्र होगा.'

यह विधेयक दोनों सदनों में बहुमत से पारित हुआ और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इस पर अपनी मुहर लगा दी.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: August 11, 2019, 4:50 PM IST
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