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भारत में स्कर्ट और छोटे कपड़े न पहनें महिला टूरिस्ट: महेश शर्मा

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अपने विवादित बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने एक और बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत आने वाले टूरिस्ट को यह सलाह दी जा रही है कि वे यहां स्कर्ट और छोटे कपड़े ना पहने.

  • Pradesh18
  • Last Updated: August 29, 2016, 11:53 AM IST
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अपने विवादित बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने एक और बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत आने वाले टूरिस्ट को यह सलाह दी जा रही है कि वे यहां स्कर्ट और छोटे कपड़े ना पहने.

इसके साथ ही साथ उन्होंने टूरिस्ट से ये अपील की वे रात में अकेले घुमने से बचे.

उन्होंने कहा कि अगर इंसान थोड़ी सावधानी से रहे तो दुर्घटनाओं से बच सकता है इसलिए मेरी सलाह है कि महिला पर्यटक चाहे वो देसी हों या फिर विदेशी महिला टूरिस्ट को अपनी सुरक्षा के लिए छोटे कपड़े पहनने से बचना चाहिए.



भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा हमारी संस्कृति पश्चिमी संस्कृति से बिल्कुल अलग है. विदेशियों को भारतीय संस्कृति के अनुसार ही ड्रेस पहनना चाहिए.
उन्‍होंने आगरा में कहा कि सरकार विदेशी पर्यटकों को एयरपोर्ट पर ही वेलकम किट (बुकलेट) दे रही है. इसमें उन्हें सलाह के तौर पर बताया जा रहा है कि वे भारत में क्‍या करें और क्या न करें.

मीडिया ने जब मंत्री महेश शर्मा से छोटे ड्रेस वाले बयान पर सवाल पूछा तो उन्‍होंने कहा कि उनकी बातों या वेलकम किट में दी जानी वाली सलाह को अन्‍यथा न लिया जाए. उन्‍होंने कहा कि वेलकम किट में छोटे ड्रेस नहीं पहनने की सलाह इसलिए दी गई है, क्‍योंकि भारत विभिन्न संस्कृतियों और देवालयों वाला देश है. इसलिए यहां के अनुरूप ही कपड़े पहने जाएं.

महेश शर्मा के बयानों पर एक नजर

कुछ समय पहले मंत्री महेश शर्मा ने कहा था कि रात को देर तक लड़कों के साथ अकेले लड़कियों का घूमना हमारी संस्कृति नहीं है.

महेश शर्मा ने कहा था कि बाइबल और कुरान भारत की आत्‍मा के मूल में नहीं है. हालांकि उन्‍होंने यह जरूर कहा कि बाइबल और कुरान का सम्‍मान होना चाहिए.उन्‍होंने कहा था कि स्‍कूलों में रामायण और महाभारत की पढ़ाई अनिवार्य कर देनी चाहिए.

महेश शर्मा ने दशहरा पर पूरे देशभर में मीट बैन करने की भी मांग की थी.उन्‍होंने कहा था कि देश में नैतिकता का ह्रास हो रहा है. सांस्‍कृतिक प्रदूषण फैल गए हैं, जिसे मोदी सरकार दूर करने की कोशिश कर रही है. अगर इस देश को पुराना सम्‍मान दिलाना है तो पहले इसकी संस्‍कृति को लौटानी होगी.

महेश शर्मा ने कुछ वक्त पहले एक पेपर के इंटरव्यू में कहा था कि हमारी संस्कृति पर बाहरी लोगों ने कब्जा करके 'कल्चर प्रदूषण' को फैलाया है जिसे साफ करना काफी जरूरी है.

महेश शर्मा ने यह भी कहा कि अगर इस देश में हिंदी को बचाए रखना है तो स्‍कूलों में इसकी पढ़ाई अनिवार्य करनी पड़ेगी. उन्‍होंने कहा कि स्‍कूलों में जर्मन के बजाय संस्‍कृत की पढ़ाई पर जोर देना चाहिए. बच्‍चों को यह समझाना होगा कि वे पहले देशी भाषाएं सीखें, फिर विदेशी पर ध्‍यान दें.

 

 

 
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