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Gold Racket Case: NIA ने कहा- नहीं मिले CM पिनराई विजयन के खिलाफ सबूत

NIA ने कहा नहीं मिले सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ सबूत. PTI Photo/ Atul Yadav)

NIA ने कहा नहीं मिले सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ सबूत. PTI Photo/ Atul Yadav)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), जो कि गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत इस मामले की जांच कर रही है ने कहा कि उसे मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के इस मामले में शामिल होने के काई सबूत नहीं मिले हैं.

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तिरुवनंतपुरम. केरल में गोल्‍ड रैकेट के खुलासे के बाद से हंगामा मचा हुआ है. गोल्ड रैकेट की आरोपी स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) ने दावा किया है कि राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) विदेशी मुद्रा की स्मगलिंग में शामिल हैं. इस बात की जानकारी कस्टम कमिश्नर सुमित कुमार ने केरल हाईकोर्ट को दे दी है. हालांकी इस ममाले की जांच कर रही राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने कुमार के दावों से अलग जानकारी दी है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), जो कि गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत इस मामले की जांच कर रही है ने कहा कि उसे मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के इस मामले में शामिल होने के काई सबूत नहीं मिले हैं. बता दें कि कस्टम कमिश्नर सुमित कुमार ने हाईकोर्ट में एक स्टेटमेंट के जरिए कहा है कि स्वप्ना सुरेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. कुमार के मुताबिक स्वप्ना ने ये स्टेटमेंट एर्नाकुलम के मजिस्ट्रेट के सामने दिए थे.

इसके अलावा स्वप्ना ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट के तीन मंत्रियों पर भी विदेशी मुद्रा की स्मगलिंग के आरोप लगाए हैं. याद दिला दें कि स्वप्ना के आरोप राज्य में चुनावों से ऐन पहले आए हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गए हैं. गोल्ड रैकेट मामले की जांच पांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के मुताबिक ये जांच राजनीतिक रूप से प्रभावित है.
विपक्ष भी पिनराई विजयन पर उठा चुका है सवाल
इससे पहले केरल में विपक्ष यूडीएफ भी पिनराई विजयन पर सवाल खड़े कर चुकी है. जनवरी महीने में सदन की कार्यवाही के दौरान यूडीएफ ने कहा था कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री कार्यालय सोना तस्करी जैसे मामले में संदेह के घेरे में आया है. कई एजेंसियां एक ही वक्त पर इस मामले की जांच कर रही हैं. विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि सोना तस्करी मामले के आरोपी ने धोखाधड़ी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय का दुरुपयोग किया और मुख्यमंत्री इसकी जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं.



इसे भी पढ़ें :- सोना तस्करी आरोपी का खुलासा, फॉरेन करेंसी की स्मगलिंग में शामिल हैं केरल CM

जुलाई में 30 किलो सोना जब्ती के बाद शुरू हुआ पूरा मामला
दरअसल पूरे मामले की शुरुआत बीते साल जुलाई महीने में हुई थी जब कस्टम के अधिकारियों एयरपोर्ट से 30 किलो सोना जब्त किया था. अधिकारियों ने इस सोने का मूल्य करीब 15 करोड़ रुपये बताया था. इसके बाद जांच में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के बाद कई अन्य नाम सामने आते गए. धीरे-धीरे इस मामले में राज्य की कई राजनीतिक हस्तियों के नाम भी उछले, इसमें सीएम पिनराई विजयन का नाम भी शामिल है.
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