26 राज्यों की पुलिस को थी साइबर क्राइम के इस मास्टरमाइंड की तलाश, दिल्ली में हुआ अरेस्ट

रामकुमार मंडल 2011 में मुंबई आया था और उसने मोबाइल रिचार्ज करने का काम शुरू किया उसी दौरान उसने मोबाइल हैकिंग भी सीखी और मोबाइल रिचार्ज के जरिये दूसरों के आकाउंट में सेंध लगाने लगा.

Anand Tiwari | News18Hindi
Updated: May 24, 2018, 6:32 PM IST
26 राज्यों की पुलिस को थी साइबर क्राइम के इस मास्टरमाइंड की तलाश, दिल्ली में हुआ अरेस्ट
प्रतीकात्मक चित्र
Anand Tiwari | News18Hindi
Updated: May 24, 2018, 6:32 PM IST
झारखंड के जामताड़ा में बैठ कर देशभर के लोगो को चूना लगाने वाला मास्टरमाइंड आखिरकार दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. ये मास्टरमाइंड झारखंड के जामताड़ा में बकायदा साइबर क्राइम सिखाने का स्कूल खोलकर बच्चों और लड़कों को साइबर क्राइम करने की ट्रेनिंग दे रहा था. साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड रामकुमार मंडल उर्फ सीताराम के खुरापाती दिमाग के आगे अच्छे-अच्छे साइबर एक्सपर्ट भी बौने साबित हो जाते हैं, क्योंकि इस शख्स की तलाश एक-दो नही बल्कि देश के 26 राज्यों की पुलिस कर रही थी.

रामकुमार मंडल 2011 में मुंबई आया था और उसने मोबाइल रिचार्ज करने का काम शुरू किया था उसी दौरान उसने मोबाइल हैकिंग भी सीखी और मोबाइल रिचार्ज के जरिये दूसरे के आकाउंट में सेंध लगाने लगा. उसके बाद ये जामताड़ा वापस आया. यहा मंडल ने करीब 300 से 400 लड़कों को साइबर क्राइम करने की ट्रेनिंग दी. इसका नंबर सभी लड़को के मोबाइल में सेव था. और सभी लड़के रामकुमार को हैलो मास्टर के नाम से पुकारते थे.

झारखंड के जामताड़ा का रहने वाला रामकुमार मंडल उर्फ सीताराम कभी बैंक मैनेजर बनकर तो कभी आरबीआई के नाम पर देशभर के लोगो को जामताड़ा से ही फोन करके डराता था. लोगों को एटीएम कस्टमर केयर या आरबीआई के हवाले से फोन करके उनके अकाउंट बन्द हो जाने का डर दिखाकर आकाउंट नंबर और एटीएम पासवर्ड इत्यादि मांगता था.

इसके अलावा लोगों से आधार को बैंक से लिंक करवाने के नाम पर भी निजी जानकारियां मांगता था. जैसे ही लोग इनके झांसे में आते थे उनसे ओटीपी पूछकर उसके जरिये पैसों का ट्रान्जेक्शन कर लेता था. डीसीपी शहादरा नूपुर प्रसाद के मुताबिक जनवरी से लेकर अब तक रामकुमार के बैंक खाते में एक करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन पाया गया. झारखंड में रामकुमार का करोड़ों का आलीशान बंगला है जो रिमोट के जरिये खुलता है. रामकुमार अपने गांव का रॉबिनहुड था यही वजह थी कि जब भी पुलिस उसके इलाके में रेड करने पहुंची तो खाली हाथ ही वापस आई है.

रामकुमार के साथ पुलिस ने सुरेंद्रर नाम के एक और शख्स को गिरफ्त में लिया है जो कि सायबर ठगी के धंधे में रामकुमार को आम लोगो का निजी डाटा मुहैया करवाता था. डीसीपी नूपुर प्रसाद के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने आनन्द विहार की एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई साइबर ठगी के एक मामले की शिकायत के बाद इस गैंग पर काम करना शुरू किया. जिसके बाद कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें से दो पहले ही जेल जा चुके हैं.

ये खबर आपको भी सावधान करने के लिए है, अगर आपके पास भी किसी अंजान नंबर से आरबीआई या आधार के नाम से फोन आए और आपके बैंक अकाउंट या एटीएम से जुड़ी निजी जानकारियां मांगे तो आप भी सावधान हो जाइए.

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