अम्फान: कोलकाता में पानी, बिजली संकट पर विरोध प्रदर्शन, लोगों ने खाली बाल्टी, बर्तनों से जाम की सड़कें

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अम्फान के कारण आई तबाही से वो लोग काफी परेशानी में हैं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अम्फान के कारण आई तबाही से वो लोग काफी परेशानी में हैं.

महानगर के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेहाला से लेकर उत्तरी हिस्से के बेलघरिया तक लोगों ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जगह-जगह सड़कों को खाली बाल्टी और बर्तनों से बंद कर दिया.

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कोलकाता. चक्रवात अम्फान (Cyclone Amphan) से प्रभावित कोलकाता (Kolkata) के कई इलाकों में पानी (Water) और बिजली (Electricity) की आपूर्ति न होने से परेशान लोगों ने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किए. महानगर के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेहाला से लेकर उत्तरी हिस्से के बेलघरिया तक लोगों ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जगह-जगह सड़कों को खाली बाल्टी और बर्तनों से बंद कर दिया. नारकेलडांगा और तेलंगबागान के अलावा सपुइपाड़ा और जादवपुर में पल्लीश्री इलाकों, गरफा में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अम्फान के कारण आई तबाही से वो लोग काफी परेशानी में हैं. पिछले तीन दिनों से बिजली नहीं आ रही है और न ही पानी की आपूर्ति हो रही है. लोगों का कहना है कि राज्य में पानी और बिजली की सप्लाई दोबारा कब से शुरू होगी इस पर बिजली आपूर्तिकर्ताओं सीईएससी और डब्ल्यूबीएसईडीसीएल से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है.

गर्मी के कारण स्थितियां हुईं ज्यादा भयावह
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बिजली की कटौती के कारण पानी की लोगों के घरों तक आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे इस गर्मी में विकट स्थिति पैदा हो गई है. वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा चक्रवात की गंभीरता को लेकर लगातार चेतावनी जारी की जा रही थी, इसके बावजूद बिजली आपूर्तिकर्ताओं ने कोई तैयारी नहीं की. इसके साथ ही कुछ लोगों ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से की गई तैयारियों में कमी को भी हालात का जिम्मेदार ठहराया, जबकि कई ने बिजली आपूर्तिकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर उंगली उठाई.
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सीईएससी और केएमसी ने दिए ये जवाब
जादवपुर के एक व्यक्ति ने कहा, 'सीईएससी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है कि बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी. हमारे क्षेत्र में ट्रांसफार्मर पर गिरे एक पेड़ को अभी तक नहीं हटाया गया. केएमसी कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास उपकरण नहीं हैं, जबकि सीईएससी ने कहा कि वे पेड़ को हटाए जाने के बाद ही काम शुरू कर सकते हैं. हम अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं.' कई अन्य लोगों ने कहा कि बिजली और इंटरनेट की समस्या के कारण वे घर से काम जारी नहीं रख सकते.

बहरहाल, दोनों बिजली आपूर्तिकर्ताओं के अधिकारियों ने कहा कि पूरे शहर में हजारों पेड़ उखड़ गए हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है.

 

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