लाइव टीवी

Cyclone Amphan: भारतीय तटों की ओर बढ़ने के साथ कमजोर हुआ 'अम्फान', NDRF की 41 टीमें तैनात

News18Hindi
Updated: May 19, 2020, 8:34 PM IST
Cyclone Amphan: भारतीय तटों की ओर बढ़ने के साथ कमजोर हुआ 'अम्फान', NDRF की 41 टीमें तैनात
'अम्फान' सोमवार को अत्यंत प्रचंड चक्रवाती तूफान से महाचक्रवात में तब्दील हो गया था.

महाचक्रवात 'अम्फान' पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारतीय तटों की ओर बढ़ने के साथ ही पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंगलवार को कमजोर होकर 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' में तब्दील हो गया.

  • Share this:
कोलकाता / भुवनेश्वर / नई दिल्ली. महाचक्रवात 'अम्फान' पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारतीय तटों की ओर बढ़ने के साथ ही पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंगलवार को कमजोर होकर 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' में तब्दील हो गया. अधिकारियों ने बताया कि तूफान के चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जोखिम वाले इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. दोनों राज्य हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि चक्रवात के चलते तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं और ओडिशा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है.

सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए 3 लाख लोग
भारत मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि चक्रवात ओडिशा के पारादीप से लगभग 520 किलोमीटर दक्षिण में और पश्चिम बंगाल के दीघा से 670 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणी पश्चिम में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है. यह 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरी पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लगभग तीन लाख लोगों को राज्य के तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि लोगों को चक्रवात आश्रय केंद्रों में भेजा गया है.

भारतीय रेलवे से बात करेंगी ममता बनर्जी



अधिकारी हालांकि जानते हैं कि उन्हें राज्य के इन आश्रय केंद्रों में भौतिक दूरी के नियम का पालन कराने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में काफी वृद्धि देखी गई है. उन्होंने कहा, 'निश्चित ही, कुछ समस्याएं होंगी, लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि चक्रवात केंद्रों में भौतिक दूरी बनाए रखने के नियम का पालन हो.' बनर्जी ने कहा कि वह रेलवे से बात करेंगी और उससे कहेंगी कि वह प्रवासी मजदूरों को भेजने के लिए एहतियात के तौर पर बुधवार से लेकर बृहस्पतिवार सुबह तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन न चलाए.



जानमाल के नुकसान का गंभीर खतरा
अधिकारियों ने कहा कि ओडिशा जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को तैयार है. प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और अनेक लोगों को चक्रवात केंद्रों में भेजा जा चुका है. पश्चिम बंगाल में उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर जिले और पारिस्थितिकी की दृष्टि से संवेदनशील सुंदरवन को तेज जल प्रवाह और जानमाल के नुकसान का गंभीर खतरा है. राज्य के आपदा विभाग मंत्री जावेद खान ने कहा, 'लोगों को चक्रवात आश्रय केंद्रों, स्कूल और कॉलेजों में रखा गया है. पिछले साल चक्रवात फोनी और 'बुलबुल' से निपटने के हमारे अनुभव काम आएंगे.'

राहत बल कर्मियों को दिए गए पीपीई किट
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर सरकार ने लोगों को दो लाख से अधिक मास्क बांटे हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात राज्य आपदा राहत बल के कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) दिए गए हैं. उधर, नई दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की और उन्हें स्थिति से निपटने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.

महाचक्रवात में तब्दील हुआ अम्फान
'अम्फान' सोमवार को अत्यंत प्रचंड चक्रवाती तूफान से महाचक्रवात में तब्दील हो गया था. चक्रवात के भारतीय तटरेखा की ओर बढ़ने के साथ ही इसका असर ओडिशा के पुरी, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और खुर्दा जिलों में महसूस किया गया जहां हवाएं चलीं और बारिश हुई. मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि 'अम्फान' 20 मई को दोपहर बाद बेहद भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच पश्चिम बंगाल- बांग्लादेश तटों से गुजर सकता है. तटों से टकराने से पहले इसकी प्रचंडता कुछ कम होगी और हवाओं की गति निरंतर 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटे बनी रहेगी जो बीच-बीच में प्रति घंटे 180 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ सकती है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चूंकि चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है इसलिए ओडिशा में इसका असर बहुत ज्यादा होने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि हालांकि जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जैसे तटीय जिलों में मंगलवार शाम से भारी बारिश होने और तेज हवाएं चलने की आशंका है. तूफान की संभावित जद में आने वाले जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14 टीम (प्रत्येक टीम में 45 कर्मी) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 20 इकाइयां तैनात की गई हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 19, 2020, 8:31 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading