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Cyclone Gulab: आज शाम तट से टकराएगा तूफान गुलाब, IMD ने बताया क्‍या करें और क्या नहीं

Cyclone Gulab: आज शाम तट से टकराएगा तूफान गुलाब. . (फाइल फोटो)

Cyclone Gulab: आज शाम तट से टकराएगा तूफान गुलाब. . (फाइल फोटो)

IMD guidelines on Cyclone Gulab: ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों के बीच अब कुछ ही घंटों के बाद ‘गुलाब’ चक्रवात के गुजरने की आशंका है. ऐसे में IMD ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए बताया है कि तूफान आने पर क्या करें और क्या न करें...

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. चक्रवाती तूफान गुलाब (Cyclone Gulab) की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों के बीच अब कुछ ही घंटों के बाद ‘गुलाब’ चक्रवात के गुजरने की आशंका है. मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात के समय तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. गुलाब चक्रवात के खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों को खाली कराया जा रहा है. दोनों राज्यों में NDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं.

    IMD की ओर से जानकारी दी गई है कि तूफान फिलहाल पिछले 6 घंटे के दौरान 10 किलीमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर ये तूफान बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के गोपालपुर से दक्षिण-पूर्व में 270 किलोमटीर दूर था, जबकि आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से इसकी दूरी पूर्व में 300 किलोमीटर थी. तूफान के लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.

    IMD ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए बताया है कि चक्रवात आने के दौरान क्या करें और क्या न करें…

    चक्रवात आने से पहले क्‍या करना है जरूरी
    1. IMD ने लोगों को सलाह दी है क‍ि चक्रवात आने से पहले पूरे घर की अच्‍छे से जांच की जानी चाहिए. घरों में लगी टाइल की भी जांच की जानी चाहिए और जहां कहीं भी ढीली टाइलें दिखें उसे सीमेंट की मदद से ठीक करना चाहिए. इसके साथ ही घर के दरवाजों और खिड़कियों की मरम्‍मत करानी चाहिए.

    2. घर के आसपास की जगह की भी अच्‍छे से जांच करना जरूरी है. मौसम विभाग के मुताबिक घर के आसपास अगर कोई कमजोर पेड़ है तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए. इसके साथ ही अगर घर के पास लकड़ी के ढेर, ईंट, साइन बोर्ड और कचरे का डिब्‍बा पड़ा हो तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए.

    3. कुछ लकड़ी के बोर्ड तैयार करके रखना चाहिए ताकि उसे कांच की खिड़‍कियों पर लगाया जा सके. अगर आपके पास लकड़ी का बोर्ड नहीं है तो कांच के टुकड़ों को उड़ने से रोकने के लिए कागज की पट्टियों का इस्‍तेमाल करना चाहिए.

    4. चक्रवात आने से पहले ही केरोसिन, टॉर्च और पर्याप्त सूखी लकड़ी अपने पास रखनी चाहिए. इसके साथ ही लालटेन को ठीक कराकर रखना चाहिए.

    5. जर्जर भवनों को तत्काल गिरा दिया जाना चाहिए या फिर उस भवन से काफी दूर चले जाना चाहिए.

    6. जिनके पास रेडियो सेट हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रेडियो पूरी तरह से काम कर रहा हो. इसके साथ ही रेडियो या ट्रांजिस्टर को चलाने के लिए पर्याप्‍ट बैटरी रखनी चाहिए. चक्रवात आने के समय अपना रेडियो चालू रखें और निकटतम आकाशवाणी स्टेशन से नवीनतम मौसम चेतावनियां और सलाह सुननी चाहिए. रेडियो से आपको जो आधिकारिक जानकारी मिली है, उसे ही दूसरों तक पहुंचाना चाहिए.

    7. निचले समुद्र तटों या अन्य स्थानों से दूर चले जाना चाहिए. तूफान के दौरान उठने वाली लहरें इन इलाकों को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करती हैं. ऐसी जगह जहां पर बाढ़ का पानी भर सकता है उसे तुरंत खाली कर देना चाहिए. देर तक इन जगहों पर रुकने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए.

    8. उन इलाको में जहां बाढ़ का पानी आ सकता है, उसे तुंरत खाली कर दिया जाना चाहिए. ऐसे इलाके भी होते हैं जहां बारिश को पानी भर जाता है उन्‍हें भी विशेष ध्‍यान रखने की जरूरत होती है.

    9. चक्रवात के खतरे को देखते हुए अतिरिक्‍त खाने की व्‍यवस्‍था करके रखनी चाहिए. विशेष रूप से ऐसी चीजें जो बिना पकाए या बहुत जल्‍दी तैयार हो सकती हैं उसे अपने पास रखना चाहिए. खाने के साथ ही पीने का पानी भी पर्याप्‍त मात्रा में रखना चाहिए.

    10. अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां बाढ़ का पानी भर सकता है तो उन्‍हें नीचे की मंजिल से सारा सामान ऊपर की मंजिल में शिफ्ट कर देना चाहिए.

    11. घर में रखी हर उस चीज की जांच करनी चाहिए जो टूट सकती है. कई बार इस तरह की चीजें हवा से टूट जाती हैं और हवा में उड़कर नुकसान पहुंचा सकती हैं. इस तरह के सामान को निकालकर एक कमरे में ढककर रख देना चाहिए.

    12. छोटे बच्‍चों और बुजुर्गों का इस दौरान विशेष ध्‍यान रखने की जरूरत होती है.

    13. चक्रवात के दौरान आने वाले तूफान के बाद काफी तेज बारिश होती है जो काफी देर तक होती है. ऐसे में जरूरी है कि सुरक्षित स्‍थान पर रहें. हवा के शांत होने पर तुंरत न निकलें क्‍योंकि कई बार हवाएं विपरीत दिशा में चलने लगती हैं.

    14. आईएमडी लोगों को इस दौरान शांत रहने और आश्रयों में रहने की सलाह दी है.

    15. लैम्प पोस्ट से किसी भी तरह के ढीले और लटकते तारों को तुंरत ठीक कराना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हो सका है तो उससे दूरी बनाकर रखना चाहिए.

    16. लोगों को आपदा क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए जब तक कि किसी को सहायता की आवश्यकता न हो.

    17. असामाजिक तत्वों की ओर से दी गई सूचना पर ध्‍यान न दें और पुलिस को इसकी जानकारी दें.

    18. कारों, बसों, लॉरियों और गाड़ियों को सावधानी से चलाना चाहिए.

    19. नुकसान की सूचना उपयुक्त अधिकारियों को दी जानी चाहिए.

    20. आपदा के समय अपने रिश्‍तेदारों के संपर्क में रहे और उन्‍हें अपने बारे में जानकारी देते रहें.

    चक्रवात आने पर ऐसा बिल्‍कुल न करें :-

    1. आईएमडी लोगों को अफवाहों से गुमराह होने से बचने की सलाह देता है.

    2. प्रशासन ने जिन स्‍थान पर रहने को कहा है वहां से बाहर न निकलें.

    3. सुरक्षित स्थानों पर बिल्‍कुल भी बाहर न आएं जब तक प्रशासन की ओर से सूचना न आए.

    4. लैम्प पोस्ट के ढीले और लटकते तारों को न छुएंं.

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