Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र में तीन लोगों की मौत; 4 जिलों की बिजली गुल, अंधेरे में लाखों लोग

Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र में तीन लोगों की मौत; 4 जिलों की बिजली गुल, अंधेरे में लाखों लोग
चक्रवात अम्फान के पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने के हफ्ते भर बाद निसर्ग तूफान आया है.

Cyclone Nisarga: चक्रवात निसर्ग बुधवार दोपहर महाराष्ट्र (Maharshtra) के रायगढ़ (Raigarh) जिले से टकराया. अधिकारियों के मुताबिक चक्रवात के अगले छह घंटों में हवा के कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की उम्मीद है और फिलहाल यह पुणे (Pune) के ऊपर मौजूद है.

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मुम्बई. चक्रवात निसर्ग (Cyclone Nisarga) बुधवार को मुंबई (Mumbai) के करीब तक पहुंचा, लेकिन कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) से जूझ रहे महानगर को इसने प्रभावित नहीं किया और शाम में यह कमजोर भी पड़ गया. हालांकि, इसके पड़ोस के रायगढ़ (Raigarh) और पालघर (Palghar) जिले में तूफान के चलते पेड़ उखड़ गये. महाराष्ट्र तट पर आज दोपहर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचने के बाद यह चक्रवात शाम में कमजोर पड़ गया. देर रात तक यह और कमजोर हो जाएगा. भारत मौसम विभाग ने नयी दिल्ली में यह जानकारी दी. इस बीच, पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उमात गांव में चक्रवात से बचने की कोशिश में अपने घर भागने के दौरान 58 वर्षीय एक व्यक्ति पर बिजली का एक ट्रांसफॉर्मर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवात से संबंधित दो अलग घटनाओं में पुणे जिले में दो लोगों की मौत हो गई. 

निसर्ग के चलते महाराष्ट्र के चार जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. जिससे पालघर, रायगढ़, ठाणे और पुणे के 25 लाख उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं

पुणे के ऊपर मौजूद चक्रवात
भारत मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चक्रवात ‘निसर्ग’ बुधवार दोपहर महाराष्ट्र तट पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ पहुंचा. यह अरब सागर से आया और दोपहर करीब साढ़े बारह बजे रायगढ़ जिले में स्थित अलीबाग में इसने दस्तक देना शुरू किया. यह प्रक्रिया दोपहर ढाई बजे पूरी हुई. अधिकारी ने बताया कि चक्रवात के अगले छह घंटों में हवा के कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की उम्मीद है और फिलहाल यह महाराष्ट्र के पुणे के ऊपर मौजूद है.



गुजरात के लिए टला खतरा


गुजरात के तटीय जिलों सहित मुंबईवासियों और पड़ोसी इलाकों के लोगों ने चक्रवात का मुकाबला करने के लिये तैयारियां कर रखी थी, लेकिन प्रभावित इलाकों में नुकसान के रूप में पेड़ उखाड़े जाने तक तूफान के सीमित रहने के चलते लोगों ने राहत की सांस ली. निसर्ग के आने से पहले इसके मार्ग से हजारों लोगों को हटाया गया, उड़ानें रद्द कर दी गईं, मछुआरों को समुद्र से दूर रहने का आदेश दिया गया और बचावकर्मियों को तैयार रखा गया.

निसर्ग अरब सागर से आया और यह तटीय शहर अलीबाग पहुंचा. अलीबाग मुंबई से करीब 110 किमी दूर स्थित एक छोटा शहर है, जहां कई किले और मंदिर हैं. वहां बॉलीवुड के कई कलाकार भी रहते हैं.

चक्रवात अम्फान के पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने के हफ्ते भर बाद निसर्ग तूफान आया है.

कमजोर पड़ जाने से हुआ कम नुकसान
विभाग ने कहा कि तूफान से कच्चे मकान, पेड़, बिजली के खंभे गिर सकते हैं. हालांकि, तूफान के कमजोर पड़ जाने से यह स्पष्ट है कि अनुमान से काफी कम नुकसान हुआ है. राज्य सरकार के अधिकारियों ने लोगों से खतरे वाले स्थानों को छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है.

मध्य रेलवे ने मुम्बई से कुछ ट्रेनों के मार्गों को बदला और कुछ के समय में परिवर्तन किया गया है. मध्य रेलवे (सीआर) ने विशेष ट्रेनों के कार्यक्रम में बदलाव किया है और कई एयरलाइनों ने भी मुंबई के लिये अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. जीवीके के प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई हवाईअड्डे पर उड़ानों का परिचालन दोपहर ढाई बजे स्थगित कर दिया गया और यह शाम में बहाल हुआ.

गुजरात में 63 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए
महाराष्ट्र और गुजरात ने आपदा मोचन तंत्र को सक्रिय कर दिया है, एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं और तूफान की चपेट में आने वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात में प्रशासन ने आठ तटीय जिलों के पास रह रहे 63,700 से अधिक लोगों को एहतियाती उपाय के तहत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.

महाराष्ट्र मे पालघर तट के पास समुद्र में उतरी मछली पकड़ने की सभी नौकाएं तूफान के आने से पहले लौट आईं. पालघर से मछली पकड़ने की 577 नौकाएं समुद्र में गई थी और सोमवार शाम तक उनमें से 564 वापस आ गई. बाद में, तट रक्षक, नौसेना और मत्स्य विभाग से मदद मांगी गई तथा शेष 13 नौकाएं भी मंगलवार देर शाम तक तट पर लौट गई.

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि मुंबई में निसर्ग का खतरा कम हो गया है लेकिन अगले कुछ घंटे अहम होंगे. उन्होंने कहा कि चक्रवात के मार्ग को ध्यान में रखते हुए पुणे, नासिक और अहमदनगर में अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं. मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मुंबई को चक्रवात का खतरा कम हो गया है लेकिन अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे. चक्रवात अपने केंद्र से औसतन 200 किमी की दूरी को अपने प्रभाव में ले सकता है.

शाम चार बजे से कमजोर पड़ना शुरू हुआ निसर्ग
मौसम विभाग के एक बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात 90 से 100 किमी की रफ्तार वाली हवाओं के साथ शाम चार बजे तक कमजोर पड़ना शुरू हो गया. विभाग ने शाम में एक बुलेटिन में कहा कि यह तूफान अभी रायगढ़ और पुणे जिलों के ऊपर मौजूद है. हवा की मौजूदा रफ्तार घट कर 65 से 75 किमी प्रति घंटा हो गई है. बुलेटिन के मुताबिक, यह चक्रवात देर रात तक हवा के कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा.

जानवरों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
चक्रवाती तूफान के महाराष्ट्र में दस्तक देने से पहले मुम्बई के चिड़ियाघर के सभी मांसाहारी जानवरों को बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया. एक अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर के आपात प्रतिक्रिया दल को किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा गया है. शहर में बारिश के कारण ‘वीरमाता जीजाबाई उद्यान’ में खराब मौसम और पेड़ों के गिरने से किसी भी नुकसान से जानवरों को बचाने के लिए सभी कदम उठाए गये हैं. यह चिड़ियाघर 50 एकड़ क्षेत्र में फैला है. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि बाघ, तेंदुए और लकड़बग्घा जैसे मांसाहारी जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इन दोनों राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात) के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर उन्हें केंद्र द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि चक्रवाती तूफान के मद्देनजर एनडीआरएफ की टीमों को राज्य के कई हिस्सों में तैनात किया गया है.

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