चक्रवात 'टाउते' 12 घंटे में हो जाएगा और ताकतवर, केरल से लेकर गुजरात तक अलर्ट

टाउते को लेकर प्रशासन सतर्क है. (फाइल फोटो: PTI)

टाउते को लेकर प्रशासन सतर्क है. (फाइल फोटो: PTI)

Cyclone Tauktae: मौसम विभाग ने कहा, 'अगले 12 घंटों के दौरान इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और और तेज होने की संभावना है.

  • Share this:

पणजी. भीषण चक्रवाती तूफान टाउते शनिवार को पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ गया और गोवा से लगभग 190 किमी दक्षिण मुंबई से 550 किमी, दक्षिण पूर्व में वेरावल (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के दक्षिण-दक्षिणपूर्व में पूर्व मध्य अरब सागर पर रात 8:30 बजे केंद्रित हो गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'अगले 12 घंटों के दौरान इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और और तेज होने की संभावना है. मौसम पूर्वानुमान विभाग ने कहा इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 18 मई की सुबह गुजरात तट पर पहुंचने और 18 मई की दोपहर / शाम के आसपास पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की बहुत संभावना है. ”

आईएमडी ने कहा कि चूंकि इससे उस क्षेत्र में बहुत भारी वर्षा आएगी, मुंबई जैसे शहर ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे. आईएमडी ने कहा कि 17 मई को मुंबई सहित उत्तरी कोंकण में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. वरिष्ठ निदेशक (मौसम) आईएमडी, मुंबई शुभानी भूटे ने कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी में रविवार दोपहर से बारिश की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि तूफान फिलहाल गोवा से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है.

ये भी पढ़ें- निजी संस्थानों द्वारा भी बनाई जा सकती है Covaxin? केंद्र ने दिया ये जवाब

भूटे ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और रत्नागिरि जिलों के साथ गोवा ज्यादातर बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित होगा.’’ उन्होंने कहा कि हवा की गति लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटे होगी. उन्होंने कहा कि आईएमडी ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका मतलब है कि पूरे कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों, मुख्य रूप से कोल्हापुर और सतारा में रविवार और सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
प्रधानमंत्री ने की हालातों की समीक्षा

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘‘टाउते’’ से निपटने की राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की और उनसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

ये भी पढ़ें- मलेरकोटला पंजाब का 23वां जिला घोषितः ट्विटर पर भिड़े अमरिंदर और CM योगी



प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने चक्रवात से जिन स्थानों के प्रभावित होने की संभावना है वहां के अस्पतालों में कोविड प्रबंधन, टीकाकरण, बिजली की कमी न हो, इसके उपाय और आवश्यक दवाओं के भंडारण के लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया.

इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, केबिनेट सचिव, गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, संचार, पोत परिवहन मंत्रालयों के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के शीर्ष अधिकारी, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया.


एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें गुजरात के गिर सोमनाथ, अमरेली, पोरबंदर, द्वारका, जामनगर, राजकोट, कच्छ, मोरबी, सूरत, गांधीनगर, वलसाड, भावनगर, नवसारी, भरूच और जूनागढ़ जिलों में तैनात हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज