Cyclone Tauktae: गुजरात तट से आज शाम टकराएगा 'टाउते' तूफान, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए डेढ़ लाख लोग

गुजरात के तट से आज शाम टकराएगा तेज रफ्तार 'टाउते' तूफान

गुजरात के तट से आज शाम टकराएगा तेज रफ्तार 'टाउते' तूफान

‘टाउते’ तूफान (Tauktae Cyclone) दीव से 260 किमी. दूर समुंदर में ही है लेकिन इसका असर अभी से देखने को मिल रहा है. तूफान ‘टाउते’ के खतरे को देखते हुए 1.50 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. तूफान ‘टाउते’ के आज शाम तक गुजरात से टकराने की संभावना है.

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सूरत. अरब सागर से उठा समुद्री तूफान ‘टाउते’ (Tauktae Cyclone) केरल, कर्नाटक और गोवा के तटवर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाने बाद अब तेजी से गुजरात (Gujarat) के तट की ओर आगे बढ़ रहा है. ‘टाउते’ की तेज रफ्तार को देखते हुए गुजरात के कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. ‘टाउते’ तूफान दीव से 260 किमी. दूर समुंदर में ही है लेकिन इसका असर अभी से देखने को मिल रहा है. तूफान ‘टाउते’ के खतरे को देखते हुए 1.50 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. तूफान ‘टाउते’ के आज शाम तक गुजरात से टकराने की संभावना है.

सोमवार सुबह तक तूफान दीव से 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तूफान ‘टाउते’ ने अब विकराल रूप ले लिया है. यही कारण है कि इसके मद्देनजर प्रशासन और सुरक्षा दल सतर्क हैं. नतीजतन, सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों जैसे पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, भावनगर में 150 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा सौराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना के साथ समुद्र में भारी लहरे उछलने की भी संभावना है. संभावित आपदा से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स बल (एनडीआरएफ) की 40 टीमों और सेंट्रल ऑफ स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स बल (एसडीआरएफ) की 10 टीमों को तैनात किया गया है. तटीय क्षेत्र से 1.50 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.


मौसम विभाग के मुताबिक तूफान आने के बाद सौराष्ट्र, कच्छ, दीव और गुजरात के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. आज और कल अहमदाबाद, पोरबंदर, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, अमरेली, भरूच, आनंद, बोटाद, सुरेंद्रनगर, देवभूमि द्वारका, मोरबी, जामनगर, राजकोट, दादरनगर हवेली, वलसाड, नवसारी और खेड़ा में तेज हवा चलेगी. मछुआरों को निर्देश दिया गया है कि वे तूफान के बाद अगले पांच दिनों तक समुद्र में न जाएं. मौसम विभाग के मुताबिक 17 और 18 मई को 70 से 175 किमी. की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.
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मोरबी में 7 और मालिया में 4 गांव तूफान से प्रभावित होंगे

मोरबी में ‘टाउते’ तूफान की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है. मोरबी में नए बंदरगाह पर एनडीआरएफ की टीमों को स्टैंड-बाय पर रखा गया है. इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं. मछुआरों को भी समुद्र से दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी गई है. मोरबी प्रशासन संभावित तूफान के लिए तैयार है. तूफान को लेकर प्रशासन और पुलिस महकमे को अलर्ट कर दिया गया है. प्रशासन ने कहा है कि मोरबी में 7 और मालिया में 4 गांव संभावित तूफान से प्रभावित होंगे.




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इन गांवों पर पड़ सकता है असर

मोरबी में मोरबी, धूई, रामपर (पडाबेकर), जिंजुडा, उनटबेट (शम्पर), बेला (अमरन), फडसर, मोरबी तालुका के राजपार (कुंतासी) को चक्रवात से प्रभावित संभावित क्षेत्रों के बारे में सतर्क कर दिया गया है. इसी तरह तालुका के वर्षामेडी, वावनिया, बोडकी, बगसरा गांवों में बागवानों को अलर्ट कर दिया गया है. लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए गए हैं. हाल ही में आए तूफान के बाद, मोरबी जिला प्रशासन ने मालिया के तट के पास जुमानवाड़ी इलाके से एक हजार लोगों को निकाला, जिन्‍हें अब न्यू नवलखी में रखा गया है. मोरबी तालुका के धूई और उन्ताबेट (शम्पर) गांवों से लगभग 60 लोगों को निकाला गया है. जिन्हें कैमलबट (शाम्पर) प्राथमिक विद्यालय में रखा गया है. कच्चे घरों में रहने के कारण ज़िंजुदा में 30 और शम्पर में 40 लोगों को गांव के प्राथमिक विद्यालय में रखा गया है.

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