चक्रवात यास: सेना ने पश्चिम बंगाल में राहत कार्य के लिये 17 कॉलम तैनात किए

बुधवार को ओडिशा में दस्तक देगा यास (फाइल फोटो)

बुधवार को ओडिशा में दस्तक देगा यास (फाइल फोटो)

Cyclone Yaas: ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों और बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा तथा जगतसिंहपुर जिलों से करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. इन जिलों में चक्रवात का खतरा ज्यादा है.

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नई दिल्ली. देश के पूर्वी तटीय इलाकों में चक्रवात यास (Cyclone Yaas) के मद्देनजर सेना ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) 17 एकीकृत राहत कॉलम की तैनाती की है जिनमें आवश्यक उपकरण और नाव के साथ विशेषज्ञ कर्मी शामिल हैं. सेना ने एक बयान में कहा, “अनुरोध के आधार पर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ करीबी समन्वय में सेना के इन कॉलम की तैनाती की गई है.”

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि चक्रवात यास के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले में धामरा बंदरगाह के निकट दस्तक देने की आशंका है और इसकी गति 155 से 165 किलोमीटर तक हो सकती है जो बढ़कर 185 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है.

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ये काम करेगा सेना का कॉलम
बयान में कहा गया कि सेना के कॉलम फंसे हुए हताहतों को निकालने, चिकित्सा उपचार, सड़क खोलने या पेड़ काटने और राहत सामग्री के वितरण जैसे काम के लिये स्थानीय प्रशासन के जरूरत के मुताबिक काम करने में समर्थ है.

सेना ने कहा, “सेना के यह कॉलम पुरुलिया, झारग्राम, बीरभूम, बर्धमान, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में मौजूद हैं.”




इसमें कहा गया कि पश्चिम बंगाल में जरूरत के मुताबिक कोलकाता में पुन: तैनाती के लिये नौ राहत टुकड़ियों को तैयार रखा गया है और यह अल्प समय में तैनाती के लिये तैयार हैं.

सेना में सैनिकों की संख्या के एक निश्चित गठन को कॉलम कहते हैं.

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