गुजरात में दलित की घुड़चढ़ी से नाराज अगड़ी जातियों ने पूरे समुदाय का कर दिया बहिष्कार

महसाणा जिले के कड़ी तालुका में एक गांव के सवर्ण दलित दूल्हे के घोड़ी पर चढ़ने से खफा हो गए. इसके बाद अगड़ी जाति का कोई व्यक्ति उसकी शादी में शामिल नहीं हुआ. साथ ही पूरे समुदाय का भी बहिष्कार कर दिया.

News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 7:55 PM IST
गुजरात में दलित की घुड़चढ़ी से नाराज अगड़ी जातियों ने पूरे समुदाय का कर दिया बहिष्कार
गुजरात के महसाणा जिले में कड़ी तालुका के लोर गांव में घोड़े पर सवार होकर निकला दलित दूल्हा तो अगड़ी जातियों ने कर दिया दलितों का वहिष्कार.
News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 7:55 PM IST
गुजरात के महसाणा जिले के कड़ी तालुका में पड़ने वाले लोर गांव के सवर्ण एक दलित दूल्हे की घुड़चढ़ी पर इतने खफा हो गए कि उन्होंने शादी समारोह का बहिष्कार कर दिया. बात यहींं खत्म नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने पूरे दलित समुदाय का ही पूर्ण  बहिष्कार कर दिया. साथ ही फैसला लिया गया कि दलितों को रोजमर्रा की जरूरी चीजें और सेवाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाएं.

गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात



दरअसल, दो दिन पहले दलित समुदाय के मेहुल परमार की शादी थी. जब घोड़े पर सवार होकर मेहुल की बारात निकली तो अगड़ी जाति के लोग नाराज हो गए. पूर्ण  बहिष्कार के सवर्णों के फैसले के बाद युवा दलित समाजिक कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया. इसके बाद काफी संख्या में दलित समाजसेवी अपने समुदाय के लोगों की मदद के लिए गांव पहुंच गए. माहौल तनावपूर्ण होता देख क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

दुकानदार नहीं दे रहे जरूरी सामान

मेहुल परमार ने बताया कि जब वह गांव में घोड़े पर सवार शादी के लिए निकले तो स्थानीय लोगों ने एक बैठक बुलाई. बैठक में दलितों के  बहिष्कार का फैसला ले लिया गया. अब गांव के दुकानदार दलितों को दूध जैसी जरूरी चीजें तक देने से इनकार कर रहे हैं. अन्य ग्रामीणों ने बताया कि  बहिष्कार के बाद ऑटो रिक्शा वाले भी उन्हें नहीं बैठा रहे हैं. वे दलितों को कड़ी कस्बे तक ले जाने से भी मना कर रहे हैं.

जिग्नेश मेवाणी ने की सख्त कार्रवाई की मांग 

दलित नेता और वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है. सरकार को सख्त फैसला लेकर सामाजिक न्याय की मिसाल पेश करनी चाहिए. वहीं, गुजरात सरकार में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. घटना में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Loading...

घटना में सरपंच की है मुख्य भूमिका 

महसाणा के डीएसपी मंजीत वंजारा ने कहा कि किसी भी अनहोनी को टालने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हमने गांव के दलित मोहल्लों का दौरा किया है. उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराने का भरोसा दिलाया है. साथ ही मामले की एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गइ है. पुलिस के मुताबिक मामले में सरपंच की मुख्य भूमिका है. उन्होंने ही बैठक कर  बहिष्कार का फैसला लिया था.

ये भी पढ़ें- 

बंगाल में पीएम बोले- दीदी आपका थप्पड़ भी मेरे लिए आशीर्वाद बन जाएगा

महाराष्ट्र की सियासत में पवार की क्या है पावर?

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...