शर्मनाक! मीटिंग में सबको बैठने के लिए मिली कुर्सी पर दलित महिला को फर्श पर बैठाया, SC/ST एक्ट में केस दर्ज

तमिलनाडु में दलित महिला को बैठने के लिए नहीं दी गई कुर्सी. फोटो सौजन्य @gavastk
तमिलनाडु में दलित महिला को बैठने के लिए नहीं दी गई कुर्सी. फोटो सौजन्य @gavastk

सोशल मीडिया (Social Media) पर इस बैठक का वीडियो वायरल (Video Viral) होने के बाद पुलिस ने पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 3:02 PM IST
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कुड्डलोर. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुड्डलोर में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसे देखने के बाद किसी का भी सिर शर्म से झुक जाए. दरअसल यहां पर पंचायत अध्यक्ष (Panchayat President) की बैठक हो रही थी. इस बैठक में शामिल होने आए लोगों के लिए कुर्सी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यहां एक महिला को केवल इसलिए कुर्सी नहीं दी गई, क्योंकि वह दलित (Dalit Women) थी. सोशल मीडिया (Social Media) पर इस बैठक का वीडियो वायरल (Video Viral) होने के बाद पुलिस ने पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

कुड्डोलर में पंचायत अध्यक्ष की बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ​बैठक में शामिल होने आए सभी लोगों को कुर्सी दी गई है, लेकिन पिछड़ी जाति की महिला को पंचायत अध्यक्ष ने फर्श पर बैठने को कहा, जबकि वहां पर कई कुर्सियां खाली थीं.



इस वीडियो के वायरल होने के बाद सीपीएम ने पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई. सीपीएम की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च 2018 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के हो रहे दुरुपयोग को देखते हुए इस पर रोक लगा दी थी.



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इस अधिनियम में तहत शिकायत पर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी का प्रावधान था. हालांकि संसद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था. बता दें कि एससी/एसटी एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है.
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