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    अब जम्मू से चलेगा प्रशासन, दरबार स्थानांतरण के तहत कड़ी सुरक्षा के बीच खुला सिविल सचिवालय

    फाइल फोटोः एलजी मनोज सिन्हा ने इस मौके पर 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' का नेतृत्व किया.
    फाइल फोटोः एलजी मनोज सिन्हा ने इस मौके पर 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' का नेतृत्व किया.

    जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu Kashmir Administration) ने दरबार हस्तातंरण के तहत जम्मू में सिविल सचिवालय खोल दिया है. कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को कार्यालय खुला. इस मौके पर उपराज्यपाल ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 9, 2020, 8:51 PM IST
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    जम्मू. ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर (Srinagar) में छह महीने तक कार्य करने के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर (UT Jammu and Kashmir) के राज्य प्रशासन के मुख्य कार्यालय सिविल सचिवालय ने सोमवार को जम्मू में काम करना शुरू कर दिया.

    केन्द्र शासित प्रदेश में मौसम के अनुसार होने वाले स्थानांतरण की इस प्रक्रिया को 'दरबार स्थानांतरण' (Darbar Move) कहा जाता है, यह प्रथा लगभग 150 वर्षों से चली आ रही है. इसकी शुरूआत महाराजा गुलाब सिंह (Maharaja Gulab Singh) ने 1872 में की थी. उन्होंने जम्मू की गर्मी एवं श्रीनगर की सर्दी से बचने के लिये ऐसा किया था.

    अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में राजभवन, पुलिस मुख्यालय सहित नागरिक सचिवालय और अन्य कार्यालयों के सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.



    उप राज्यपाल मनोज सिन्हा सिविल सचिवालय पहुंचे और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह की मौजूदगी में 'दरबार स्थानांतरण' कार्यालयों को फिर से खोलने की कवायद के तहत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण किया.
    राज्य सरकार कई हजार कर्मचारियों को भत्ते के रूप में एक समान राशि का भुगतान करने के अलावा, दो शहरों के बीच राजधानी को स्थानांतरित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है. कोविड-19 महामारी के कारण इस साल गर्मियों में जम्मू से श्रीनगर ‘दरबार स्थानांतरण’ तय समय से देरी से हुआ है.



    राज्य में 28 नवंबर जिला विकास परिषद के चुनाव आठ चरणों में कराए जाने हैं. इसके साथ ही नगरपालिया और पंचायत के उपचुनाव भी कराएं जाएंगे. जम्मू-कश्मीर की बड़ी पार्टियों के गुपकर डिक्लरेशन के तहत बने पीपुल्स एलायंस ने साझे रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद ये राज्य में पहली बड़ी सियासी गतिविधि है.
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