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देवगौड़ा की राह पर अजित पवार! महाराष्ट्र में दोहराई कर्नाटक की 13 साल पुरानी चाल

D P Satish | News18Hindi
Updated: November 23, 2019, 12:57 PM IST
देवगौड़ा की राह पर अजित पवार! महाराष्ट्र में दोहराई कर्नाटक की 13 साल पुरानी चाल
आज महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम को लेकर लोग जिस तरह हैरान हैं, उसी तरह की स्थिति तब कर्नाटक में भी दिखी थी.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) ने एनसीपी (NCP) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ मिलकर सरकार बना ली है. इस पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि उन्हें भी आज सुबह ही इसकी जानकारी मिली है.

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  • Last Updated: November 23, 2019, 12:57 PM IST
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बेंगलुरु. महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में शनिवार को जो कुछ भी हुआ वह 13 साल पहले कर्नाटक (Karnataka) में हो चुका है. उस राजनीतिक ड्रामा में एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस (Congress)-जेडीएस (JDS) की सरकार रातोंरात गिर गई और देवगौड़ा (HD Deve Gowda) के बेटे एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) के नेतृत्व में जेडीएस से अलग हुए धड़े ने बीजेपी (BJP) के साथ मिलकर सरकार बना ली. यह वही बीजेपी थी जिसको वह कुछ समय पहले तक अपना दुश्मन समझती थी. आज जिस तरह लोग हैरान हैं उसी तरह की स्थिति उस समय कर्नाटक में भी पैदा हुई थी.

उस समय पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने मौन धारण कर लिया था सिर्फ उनके विश्वस्त सिपहसालार ही उनकी ओर से लोगों को संक्षिप्त जवाब दे रहे थे. वे दावा कर रहे थे कि उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी ने पार्टी तोड़कर और ‘सांप्रदायिक’ बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर उनको धोखा दिया है. कुछ दिन बाद उन्होंने मुख्यमंत्री बने अपने बेटे और विद्रोही विधायकों को जेडीएस से निकाल भी दिया था. महीनों तक इस बात से आहत गौड़ा सार्वजनिक रूप से सामने आने और मीडिया से बात करने से कतराते रहे. उनके विश्वस्तों के अनुसार महीनों तक अकेले में वे रोते रहे.

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इन सबसे घबराए बिना, एचडी कुमारस्वाीम और बीएस येदियुरप्पा सरकार ने राज्य में शपथ ली और निरंतर बदलते राजनीतिक माहौल में राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत की. इस तख़्तापलट में कांग्रेस को अपनी सरकार गंवानी पड़ी और उस समय उसने उन सभी बातों पर विश्वास किया जो देवगौड़ा ने उन्हें बताई और यहां तक कि उसने उनके प्रति संवेदना भी जताई.

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नाटक यहां तक हुआ कि मुख्यमंत्री बने एचडी कुमारस्वामी ने भी लोगों के समक्ष यह कहते हुए जोर-जोर से आंसू बहाए कि उन्होंने अपने बाप को धोखा दिया. पर कुछ महीने बाद मुखौटा गिर गया. राजनीतिकों और जनता दोनों को यह पता चल गया कि बाप-बेटे दोनों ने मिलकर उन्हें ठगा है. बेटे के विद्रोह की स्क्रिप्ट बाप ने लिखी थी. अपने बेटे को किसी भी क़ीमत पर मुख्यमंत्री बनाने के लिए पीएम देवगौड़ा ने विस्तृत योजना बनाई थी ताकि यह ऐसा लगे कि बाप को ख़ुद उसके बेटे ने धोखा दिया है. एचडी कुमारस्वामी की सरकार कुल 20 महीने चली और इस पूरी अवधि के दौरान सरकार की कमान प्रभावी रूप से देवगौड़ा के हाथ में रही.

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जब एचडी कुमारस्वामी से उम्मीद की जा रही थी कि वह मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी येदियुरप्पा को सौंपेंगे, देवगौड़ा ने एक बार फिर लोगों को यह कहते हुए सकते में डाल दिया कि उन्होंने अपने बेटे को बीजेपी को धोखा देने को कहा. एक बार फिर कर्नाटक की सरकार गिर गई और वहां राष्ट्रपति शासन लगा. अगली बार जो विधानसभा चुनाव हुए उसमें जनता की सहानुभूति येदियुरप्पा को मिली और वह सत्ता की कुर्सी तक जा पहुंचे.

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First published: November 23, 2019, 11:55 AM IST
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