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राफेल समझौते में ताजा आरोपों को दसॉल्ट एविएशन ने किया खारिज, जानें क्या कहा

भारत सरकार ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद की है, जिनमें से 21 विमान भारत को सौंपे जा चुके हैं.

भारत सरकार ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद की है, जिनमें से 21 विमान भारत को सौंपे जा चुके हैं.

दसॉल्ट एविएशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “फ्रांसीसी भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी समेत कई आधिकारिक संगठनों द्वारा बहुत सी जांच की जाती है. 36 विमानों की खरीद में भारत के साथ हुए अनुबंध की संरचना का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.”

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नई दिल्ली. फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट ने भारत के साथ राफेल जेट विमानों की खरीद में भ्रष्टाचार के ताजा आरोपों को खारिज किया और कहा कि अनुबंध संरचना का किसी भी प्रकार उल्लंघन नहीं किया गया है. इससे कुछ दिन पहले फ्रांसीसी मीडिया प्रकाशन ‘मीडियापार्ट’ ने देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की थी कि ‘दसॉल्ट एविएशन’ ने एक भारतीय बिचौलिए को दस लाख यूरो की रिश्वत दी थी.

दसॉल्ट एविएशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “फ्रांसीसी भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी समेत कई आधिकारिक संगठनों द्वारा बहुत सी जांच की जाती है. 36 विमानों की खरीद में भारत के साथ हुए अनुबंध की संरचना का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.”

फ्रांस के साथ भारत ने किया है 36 राफेल जेट खरीदने का समझौता
अधिकारी ने कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने दोहराया कि वह आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के रिश्वत रोधी प्रस्ताव और राष्ट्रीय कानूनों का कड़ाई से पालन करता है. केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार ने फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए 23 सितंबर, 2016 को 59,000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.



लोकसभा चुनाव,2019 से पहले कांग्रेस ने विमान की दरों और कथित भ्रष्टाचार सहित इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किये थे, लेकिन सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था.

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भारत में राफेल के लिए क्या है खास
बता दें कि राफेल भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा कर रहा है. इसे भारत की भौगोलिक परिस्थितियों और उसकी जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है. वर्तमान में जो भारत के पास राफेल विमान आए हैं वो लेह-लद्दाख और सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में भी आसानी से इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
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