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बड़ा खुलासा! DSP दविंदर की आतंकी नवीद के साथ थी सात साल से साठगांठ, दूसरे आतंकियों तक खबर पहुंचाकर कमाई बेशुमार दौलत

News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 12:26 PM IST
बड़ा खुलासा! DSP दविंदर की आतंकी नवीद के साथ थी सात साल से साठगांठ, दूसरे आतंकियों तक खबर पहुंचाकर कमाई बेशुमार दौलत
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डीएसपी दविंदर सिंह को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के मीर बाजार में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार किया था.

नवीद अहमद तीन साल पहले पुलिस की नौकरी छोड़कर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) में शामिल हो गया था.

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  • Last Updated: January 19, 2020, 12:26 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के आतंकियों के साथ पकड़े गए पुलिस ऑफिसर दविंदर सिंह (DSP Davinder Singh) से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) दिल्ली में पूछताछ कर रही है. इस दौरान कई हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है. दविंदर के साथ हिजबुल के दो आतंकी भी पकड़े गए थे. इसमें से एक नवीद अहमद को दविंदर पिछले सात साल से जानता था. स्पेशल पुलिस ऑपरेशन (SPO) होते हुए नवीद की दविंदर से मुलाकात हुई और इसके बाद दोनों मिलकर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने लगे. बता दें कि तीन साल पहले नवीद अहमद पुलिस की नौकरी छोड़कर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था.

7 साल से दोस्ती
अंग्रेजी अखबार द एशियन एज के मुताबिक दविंदर ने पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को बताया कि नवीद अहमद से उसकी दोस्ती सात साल पुरानी है. बता दें कि दविंदर इन दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की गिरफ्त में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि दविंदर पहली बार साल 2013 में नवीद से मिला था. नवीद ने कॉन्सटेबल के तौर पर पुलिस ज्वाइन की थी, बाद में वो SPO का हिस्सा बन गया था.

आतंकियों के पास पहुंचाता था जानकारी

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दविंदर ने बताया कि SPO रहते हुए नवीद कई बार उसके घर जाता था. इसके अलावा ऑफिस में भी दोनों साथ-साथ रहते थे. दोनों एक दूसरे से जानकारी साझा करते थे और फिर इसे आतंकियों तक पहुंचाते थे. इस दौरान इन दोनों ने खूब पैसे कमाए.

नवीद के घरवालों से भी थे दविंदर के रिश्ते
साल 2017 में नवीद हिजबुल में शामिल हो गया था. उन दिनों वो बड़गाम के चांदपोरा में फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में तैनात था. तभी एक दिन अचानक गार्ड रूम से चार राइफल लेकर वह फरार हो गया और हिजबुल में शामिल हो गया. इसके बाद भी दविंदर उससे लगातार संपर्क में था. जांच एजेंसी के मुताबिक इसके बाद ये दोनों ऐप के जरिये बातचीत करता था. कहा जा रहा है कि नवीद के हिजबुल में शामिल होने के बाद दविंदर उसके परिवारवालों की लगातार मदद करता था. कई बार दविंदर ने उसके घरवालों को गाड़ियों से सुरक्षित ठिकानों पर भी पहुंचाया था.बेहद खरनाक आतंकी है नवीद
नवीद अहमद हिजबुल मुजाहिदीन का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर था. कहा जा रहा है कि नवीद ने ही कुछ महीने पहले कश्मीर में 11 ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी. उस पर कुछ पुलिसवालों को भी मौते के घाट उतारने का आरोप था. नवीद के खिलाफ कुल मिलाकर 17 एफआईआर दर्ज हैं.

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First published: January 19, 2020, 11:31 AM IST
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