'कोवैक्सीन' को DCGI से मिली पाबंदियों के साथ आपात इस्तेमाल की मंजूरी, ICMR ने दी जानकारी

कोवैक्सीन के लिए भारत बायोटेक को 23 हजार वॉलंटियर्स मिल गए हैं.
(फाइल फोटो)

कोवैक्सीन के लिए भारत बायोटेक को 23 हजार वॉलंटियर्स मिल गए हैं. (फाइल फोटो)

Vaccine Update: कोवैक्सीन पहली स्वदेशी वैक्सीन है, जिसे है भारत बायोटेक ने आईसीएमआर (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है. इसके अलावा कोविशील्ड को भी आपात इस्तेमाल की अनुमति मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 4:56 PM IST
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नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने रविवार को कहा कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. गौरतलब है कि कोवैक्सीन का निर्माण आईसीएमआर और भारत बायोटेक ने मिलकर किया है. भारत में रविवार को ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजैनेका (Oxford-AstraZeneca) की वैक्सीन को भी अनुमति दे दी है.

आईसीएमआर ने कहा 'ICMR और भारत बायोटेक ने मिलकर तैयार की व्होल वायरल इनेक्टिवेटेड कोरोना वायरस (Corona Virus) वैक्सीन कोवैक्सीन को पाबंदियों के साथ आपातकाल उपयोग के लिए ड्रग कंट्रोलर जनलर ऑफ इंडिया की तरफ से अनुमति मिल गई है.' यह भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन है, जिसे है भारत बायोटेक ने आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है. इस वैक्सीन को खास तरीके से तैयार किया गया है. खास बात है कि यह वैक्सीन पैथोजन को अपनी और नकल नहीं बनाने देगी.

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कोवैक्सीन एक निष्क्रिय वैक्सीन है. दरअसल, यह ऐसी वैक्सीन होती है, जिसे बीमारी का कारण बने जिंदा माइक्रोऑर्गेनिज्म को मारकर या निष्क्रिय कर बनाया जाता है. यह वैक्सीन पैथोजन को नकल नहीं बनाने देगी, लेकिन शरीर में बनाए रखेगी, ताकि इम्यून सिस्टम इसे पहचान सके. फिलहाल कंपनी के फेज-3 के ट्रायल जारी हैं.
रविवार को दोनों वैक्सीन उम्मीदवारों को अनुमति दी गई. इस मौके पर डीसीजीआई प्रमुख वीजी सोमानी ने कहा 'सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन और भारत बायोटेक को आपातकालीन स्थिति में पाबंदियों के साथ इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी दे दी गई है.' वहीं, संस्था ने इस दौरान सुरक्षा को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा 'अगर जरा भी सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी होती, तो हम किसी चीज को कभी अप्रूव नहीं करते.'


उन्होंने जानकारी दी 'वैक्सीन 110 फीसदी सुरक्षित हैं. हल्का बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे साइट इफेक्ट्स हर वैक्सीन के साथ आम हैं.' सोमानी ने लोगों की नपुंसक होने की बात को पूरी तरह नकारा है. उन्होंने कहा 'यह एकदम बकवास है.'

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