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कोरोना काल में पाई-पाई का मोहताज हुआ किसान, नहीं चुका पाया बैंक का कर्ज तो की खुदकुशी

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक कर्जदार किसान ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. (सांकेतिक चित्र )
तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक कर्जदार किसान ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. (सांकेतिक चित्र )

Farmer suicide in Tamil nadu: पत्र में 30 वर्षीय किसान आनंदन ने आरोप लगाया है कि वित्त कंपनी के कर्मचारी 45 लाख रुपये के कर्ज की अदायगी में देरी की वजह से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2021, 8:26 PM IST
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कोयंबटूर. तमिलनाडु में कोयंबटूर के पास गुरुवार को एक किसान ने अपने खेत में कथित रूप से खुदकुशी कर ली. वह कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने को लेकर एक निजी वित्त कंपनी के कर्मियों द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से परेशान था. पुलिस ने बताया कि एक पत्र किसान के घर से मिला है जो कथित रूप से उसने ही लिखा है.

पत्र में 30 वर्षीय किसान आनंदन ने आरोप लगाया है कि वित्त कंपनी के कर्मचारी 45 लाख रुपये के कर्ज की अदायगी में देरी की वजह से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे. उन्होंने कहा कि किसान आनंदन प्लंबर का भी काम करते थे. उन्होंने कहा कि वह घर बनाने के लिए लिया गया कर्ज नहीं चुका पाए थे, क्योंकि कोविड-19 के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई और महामारी का असर खेती तथा उनकी नौकरी पर पड़ा.





पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पुलिस ने कहा कि आत्महत्या के लिए कंपनी और उसके कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आनंदन ने बैंक से घर वापस लेने की मांग की और अपने परिवार को बचाने का आग्रह किया जिसमें मां, पत्नी और एक साल का बच्चा है. शिकायत पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
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 तमिलनाडु में किसानों की आत्‍महत्‍या के मामले चिंताजनक 
तमिलनाडु किसान संघ के जनरल सेक्रेट्री पी षण्मुखम ने कहा कि किसानों की आत्‍महत्‍याएं चिंताजनक  हैं. उन्‍होंंने कहा कि देश में किसानों की आत्‍महत्‍या के मामले में तमिलनाडु दूसरे स्‍थान पर हैं. उन्‍होंंने कहा कि कर्ज का चुकाना जरूरी है, लेकिन राज्‍य में ऐसे कई मामले हैं जहां बैंक या वित्‍त एजेंसी के लोगों ने कर्जदारों को बुरी तरह से प्रताड़ित किया, इसके कारण कुछ किसानों ने आत्‍महत्‍या कर ली. इस मामले में राज्‍य और केंद्र सरकार को सही कदम उठाना चाहिए.
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