COVID-19 in India: आखिर कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी को बंद करने का फैसला क्यों लिया गया?

प्लाज्मा थेरेपी  (सांकेतिक तस्वीर)

प्लाज्मा थेरेपी (सांकेतिक तस्वीर)

केंद्र सरकार ने पाया कि कोविड-19 (Coronavirus In India) मरीजों के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) गंभीर बीमारी को दूर करने और मौत के मामलों को कम करने में फायदेमंद साबित नहीं हुई.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus In India) के उपचार के लिए क्लिनिकल कंसल्टेशन में संशोधन किया और मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) के उपयोग को क्लिीनिकल मैनेजमेंट के दिशा-निर्देश से हटा दिया. सरकार ने पाया कि कोविड-19 मरीजों के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी गंभीर बीमारी को दूर करने और मौत के मामलों को कम करने में फायदेमंद साबित नहीं हुई.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्लाज्मा थेरेपी को इसलिए हटाया गया क्योंकि एक स्टडी में यह बात सामने आई कि प्लाज्मा थेरेपी इलाज में कारगर नहीं है. शुरुआत में यह थेरेपी इलाज का हिस्सा नहीं थी. इसे बाद में शामिल किया गया और अब फिर हटा दिया गया. इस थेरेपी से क्या नुकसान होता है अब तक इसकी जानकारी नहीं है लेकिन यह स्टडी में पाया गया कि इससे फायदा नहीं हो रहा है.

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11,000 मरीजों पर हुआ ट्रायल
बताया गया कि भारत और दूसरे देशों में किए गए ट्रायल एनालिसिस के बाद प्लाज्मा थेरेपी को हटाने का फैसला किया गया. सूत्र ने बताया कि भारत, ब्रिटेन (11, 000 मरीजों पर ट्रायल), अमेरिका, अर्जेंटीना सबको मिलाकर एनालिसिस करने पर देखा गया कि इस थेरेपी से फायदा नहीं है. भारत में पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक ट्रायल चला. बताया गया कि गंभीर मामलों और मृत्यु दर के संदर्भ में यह ट्रायल किया गया. इससे कोई खास फायदा नहीं दिखा. हालांकि इस थेरेपी से नुकसान को लेकर एविडेंस नहीं है.

कोविड-19 के लिए गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स-आईसीएमआर की पिछली सप्ताह हुई बैठक के दौरान सभी सदस्य प्लाज्मा थेरेपी को क्लिीनिकल मैनेजमेंट दिशा-निर्देश से हटाने पर सहमत हुए थे, जिसके बाद सरकार का यह निर्णय सामने आया है. प्लाज्मा थेरेपी को कोविड-19 मरीजों के उपचार में प्रभावी नहीं पाया गया है.




भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के एक अधिकारी ने कहा कि टास्क फोर्स ने व्यस्क कोविड-19 मरीजों के लिए उपचार संबंधी नैदानिक परामर्श में संशोधन करते हुए प्लाज्मा थेरेपी को हटा दिया. उल्लेखनीय है कि कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन को देश में कोविड-19 उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग को तर्कहीन और गैर-वैज्ञानिक उपयोग करार देते हुए आगाह किया था. (भाषा इनपुट के साथ)

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