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किसानों का ऐलान- हर हाल में निकलेगी ट्रैक्टर रैली, दिल्ली पुलिस ने किया मना

किसान आउटर रिंग रोड पर रैली निकालने की बात कर रहे हैं. (फाइल फोटो: AP)
किसान आउटर रिंग रोड पर रैली निकालने की बात कर रहे हैं. (फाइल फोटो: AP)

Farmers Protest: दिल्ली की सरहदों पर बीते 57 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों ने आगामी 26 जनवरी पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने की बात कही थी. इसपर मामला सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा था, जिसे अदालत ने बाद में फैसला दिल्ली पुलिस पर छोड़ दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 6:10 PM IST
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नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसनों ने गरुवार को साफ कर दिया है कि वे ट्रैक्टर मार्च (Tractor March) जरूर निकालेंगे. किसान संगठनों ने आज दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ बैठक की थी. इस बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे गणतंत्र दिवस (Republic Day) को देखते हुए आउटर रिंग रोड (Outer Ring Road) पर ट्रैक्टर रैली निकाल ने की अनुमति नहीं दे सकते हैं. हालांकि, किसानों ने बीते दिनों कहा था कि वे केवल आउटर रिंग रोड पर ही रैली निकालेंगे, जिससे गणतंत्र दिवस के जश्न में कोई खलल नहीं पड़ेगा.

दिल्ली की सरहदों पर बीते 57 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों ने आगामी 26 जनवरी पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने की बात कही थी. इसपर मामला सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा था, जिसे अदालत ने बाद में फैसला दिल्ली पुलिस पर छोड़ दिया. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रिपब्लिक डे के मद्देनजर आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हालांकि, पुलिस ने किसानो को केएमपी हाईवे पर अपना प्रदर्शन करने का सुझाव दिया है.





बीते दिनों भारतीय किसान यूनियन के पंजाब महासचिव परमजीत सिंह ने कहा कि किसान राजपथ और दूसरे हाई सिक्योरिटी इलाकों में रैली नहीं निकालने जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया है कि वे लोग दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर रैली निकालेंगे. उन्होंने साफ किया है कि 26 जनवरी पर होने वाली आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

केंद्र सरकार और किसानों के बीच बनती दिख रही है बात
केंद्र सरकार और किसान संगठन बीते बुधवार को 10वीं बार मुलाकात के लिए इकट्ठे हुए थे. हालांकि, पिछली 9 दौर की मुलाकात के मुकाबले इसबार मुद्दा शांत होने के संकेत मिले हैं. केंद्र सरकार ने किसानों के सामने कानूनों को 1.5 साल निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है. फिलहाल इसपर किसानों ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. गुरुवार को किसान सरकार के इस प्रस्ताव पर चर्चा कर बड़ा फैसला ले सकते हैं. दोनों पक्ष अगली बार 22 जनवरी को बातचीत करेंगे.
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