पांच साल तक महंगाई को काबू में रखने का प्लान, आरबीआई ने मुद्रास्फीति का 4% का तय किया टारगेट

अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी.

अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी.

आरबीआई (Reserve Bank of India) को 2 प्रतिशत की कमी या वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति (Inflation) 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 8:45 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. महंगाई के मोर्चे पर आम अादम को राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार (Central Government) ने भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के लिए मुद्रास्फीति (Inflation) को चार प्रतिशत के दायरे में काबू में रखने के वर्तमान लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है.

आरबीआई को अगले पांच साल तक Inflation को औसतन 4 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी गई है. इसमें सहज रूप से ज्यादा से ज्यादा 2 प्रतिशत की घट-बढ़ स्वीकार्य होगी. मौजूदा व्यवस्था के तहत भी आरबीआई को 2 प्रतिशत की कमी या वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया गया है.

यह भी पढें : कपड़े के लिए मोहताज हुए पाकिस्तानी, भारत से इस प्रतिबंध को हटाने की लगाई गुहार

31 मार्च 2026 तक रिटेल इनफ्लेशन स्थिर रखने की कोशिश
आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज ने कहा, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक कानून 1934 के तहत एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च 2026 के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के लक्ष्य को पिछले पांच साल के स्तर पर ही रखा गया है.’’गौरतलब है कि कोरोना महामारी की वजह से पेट्रोल-डीजल समेत कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं. लिहाजा, ऐसे समय सरकार की तरफ से महंगाई को काबू में रखने की कोशिश अर्थव्यवस्था की सकारात्मक तस्वीर बताती है.

यह भी पढें : Investment Strategy : नए साल की शुरुआत में निवेश का यह तरीका अपनाएंगे तो होंगे मालामाल, जानें सबकुछ

छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति रेपो रेट के जरिए महंगाई पर कसती है लगाम



सरकार ने मुद्रास्फीति को निर्धारित स्तर पर रखने के लिये 2016 में आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति गठित करने का निर्णय किया. समिति को नीतिगत दर (रेपो) तय करने की जिम्मेदारी दी गई है. छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति को अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसमें उच्चतम सीमा 6 प्रतिशत और न्यूनतम सीमा 2 प्रतिशत रखी गई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज