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'गुवाहाटी के वो 8 दिन' : कैसे एकनाथ शिंदे की अगुआई में शिवसेना के बागियों ने असम में लिखी महाराष्ट्र गाथा

गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में शतरंज खेलते शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे. (फाइल फोटो)

गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में शतरंज खेलते शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे. (फाइल फोटो)

Maharashtra Shiv Sena Crisis: एकनाथ शिंदे अपने समर्थन वाले शिवसेना के बागी विधायकों के एक बड़े समूह के साथ एक सप्ताह तक गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में ठहरे थे.

कामलिका सेनगुप्ता/नई दिल्ली. पूर्वोत्तर के गुवाहाटी से होकर गुजरने वाली महाराष्ट्र की राजनीतिक गाथा महज संयोग नहीं थी, बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के बागी विधायकों की सोची-समझी योजना थी. शिंदे और बागी गुट के ‘गुवाहाटी के 8 दिन’ और पूरे ऑपरेशन को कैसे तैयार किया गया, न्यूज़18 ने इसे डिकोड किया है. न्यूज़ 18 को सूत्र बताते हैं कि महाराष्ट्र योजना की पहली सूचना गुवाहाटी में 14 जून को पहुंची और विधायकों के लिए ‘एक उपयुक्त जगह की तलाश करने के लिए कहा गया, जहां वे ठहर सकें”. अंत में, 20 जून को, विद्रोही विधायकों ने मांग की कि वे काजीरंगा में रहना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि ‘शिवसैनिक’ गुवाहाटी पहुंच सकते हैं.

बागी विधायकों को यह भरोसा दिलाया गया था कि गुवाहाटी एक ‘सुरक्षित स्थान’ है और उन्हें ‘कुछ नहीं होगा’. इसके बाद 21 जून को एक रिपोर्ट आई, जिसमें यह बताया गया कि एकनाथ शिंदे 30 से अधिक विधायकों के साथ गुवाहाटी जा रहे हैं. हालांकि गुवाहाटी किसी बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के लिए नहीं जाना जाता है, लेकिन बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच यह पहाड़ी शहर महाराष्ट्र संकट में फंस गया. असम को इसलिए चुना गया ताकि कोई ‘शिवसैनिक’ वहां न पहुंच सके.

गुवाहाटी एयरपोर्ट पर एक चार्टर फ्लाइट हमेशा स्टैंडबाय पर
महाराष्ट्र के सियासी घमासान में गुवाहाटी का गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा केंद्रीय बिंदु बन गया जहां विधायकों को लेकर कई चार्टर उड़ानें उतरीं. सूत्रों का कहना है कि एक चार्टर फ्लाइट हमेशा स्टैंडबाय पर थी. एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने न्यूज़18 को बताया, “22 जून से बागी खेमे के लिए हर दिन एक या दो चार्टर उड़ान आम हो गई थीं. हमने ऐसी गतिविधि कभी नहीं देखी.” इतना ही नहीं बागी विधायकों को वीवीआईपी सुरक्षा गेट से बाहर निकाला गया, जिसका इस्तेमाल सिर्फ मुख्यमंत्री करते हैं. जैसे ही बागी विधायक गुवाहाटी पहुंचे, उन्हें पुलिस की विशेष गाड़ियां मुहैया कराई गईं.

‘पुलिसकर्मियों के साथ होटल की किलेबंदी की गई थी’
हवाई अड्डे से बागी विधायकों को होटल तक लाने में साजो-सामान का सहयोग असम भाजपा ने अप्रत्यक्ष रूप से प्रदान किया था. दिलचस्प बात यह है कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को बागियों के आने से कुछ देर पहले होटल से निकलते देखा गया. पुलिसकर्मियों के साथ होटल की किलेबंदी की गई थी और आम आदमी के लिए होटल में बुकिंग उपलब्ध नहीं थी. लगभग 100 लोगों के ठहरने के लिए 70 से अधिक कमरे बुक किए गए थे. एयरलाइन के कर्मचारियों के अलावा, अन्य मेहमानों को होटल में चेक-इन करने की अनुमति नहीं थी.

‘असम कैबिनेट के दो मंत्री होटल के अंदर ड्यूटी पर’
होटल के एक स्टाफ सदस्य ने न्यूज़18 को बताया, “ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह की घटना हुई है. हमने पहले कभी इस तरह का सामना नहीं किया है. अब, हमारे लिए चुनौती यह देखना है कि रैडिसन में कौन प्रवेश करता है और जिन लोगों ने पहले बुकिंग की है, उन्हें ही अंदर आने की इजाजत मिलती है.” शिंदे खेमे का पहला वीडियो 21 जून को होटल से ताकत दिखाने के लिए जारी किया गया था. दिलचस्प बात यह है कि असम कैबिनेट के दो मंत्री होटल के अंदर ड्यूटी पर थे. राज्य के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल दिन में होटल में ठहरते थे और संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका रात की पाली में रहते थे. जब मंत्री हजारिका से पूछा गया कि वह उस होटल में क्या कर रहे हैं, जहां विद्रोही ठहरे हुए थे, तो उन्होंने न्यूज़18 से कहा, “मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता. मुझे कामाख्या (मंदिर) जाने में उनकी मदद करने के लिए कहा गया था और मैंने वह किया.”

‘बागी विधायकों ने कहा कि अब वे छुट्टियों में भी असम आएंगे’
सूत्रों के अनुसार, शिंदे खेमे के विधायक गुवाहाटी पहुंचने के पहले दो दिनों में ‘थोड़े नर्वस’ थे, लेकिन जब उनकी संख्या 37 को पार कर गई, तब उन्हें अपनी ताकत पर भरोसा हो गया और वे जश्न मनाने लगे. सूत्रों ने कहा कि कुल मिलाकर, शिंदे ने पिछले आठ दिनों में पूरे ऑपरेशन का संचालन करते हुए ‘पूरा जोश’ और ‘शांत स्वभाव’ दिखाया. बागी विधायकों में से एक ने कहा, ‘वह (शिंदे) हमेशा हमारे साथ थे. उन्होंने हमें जो ताकत दी है, उसी वजह से हम साथ हैं.” दरअसल, सभी विधायकों ने कामाख्या मंदिर के दर्शन किए और बाढ़ राहत के लिए दान दिया. सूत्रों के मुताबिक बागी विधायकों ने कहा था कि अब वे छुट्टियों में भी असम आएंगे.

Tags: Assam, BJP, Devendra Fadnavis, Eknath Shinde, Shiv sena, Uddhav thackeray

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