Decoding Long Covid: कैंसर के मरीज़ों के लिए कैसे खतरा बन रहा है कोरोना? ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताया

कैंसर रोगियों के लिए कोरोना से रिकवरी अधिक जटिल है, क्योंकि कोविड के बाद के लक्षण या लॉन्ग कोविड सिंड्रोम हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं.

Decoding Long Covid: News18 लॉन्ग कोविड को लेकर 15 दिनों की एक स्पेशल सीरीज 'डिकोडिंग लॉन्ग कोविड' चला रहा है. इसमें अलग-अलग एक्सपर्ट्स आपके सवालों का जवाब देंगे और लॉन्ग कोविड से बचने और निपटने के लिए सुझाव भी देंगे.

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    (सिमंतिनी दे)

    भारत धीरे-धीरे कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 Pandemic) की दूसरी लहर के अंत तक पहुंच रहा है. अभी ऐसे कई कोरोना मरीज हैं, जो हफ्तों से बीमार हैं. मेडिकल भाषा में इसे 'लॉन्ग कोविड' के रूप में परिभाषित किया जा रहा है. News18 लॉन्ग कोविड को लेकर 15 दिनों की एक स्पेशल सीरीज 'डिकोडिंग लॉन्ग कोविड' चला रहा है. इसमें अलग-अलग एक्सपर्ट्स आपके सवालों का जवाब देंगे और लॉन्ग कोविड से बचने और निपटने के लिए सुझाव भी देंगे.

    आज के कॉलम में बेंगलुरु के फोर्टिस अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, हेमटो ऑन्कोलॉजी और ट्रांसप्लांट फिजिशियन विभाग की डायरेक्टर डॉक्टर नीती रायज़ादा ने लॉन्ग कोविड पर जानकारी शेयर की. उन्होंने बताया कि कैसे लॉन्ग कोविड कैंसर मरीजों के इलाज में एक बड़ी चुनौती बन रहा है.

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    मरीज के कैंसर स्टेज पर काफी कुछ निर्भर
    डॉक्टर रायजादा ने बताया कि कोविड संक्रमण की गंभीरता कैंसर के स्तर और रोगी की फिटनेस पर भी निर्भर करती है. उन्होंने कहा, 'अगर कोई रोगी कैंसर के एडवांस स्टेज में है और अच्छा रिस्पॉन्स नहीं कर रहा है या अगर रोगी कॉमर्बिटीज है, तो कोविड से ठीक होने में देरी हो सकती है. ऐसे में सीधे तौर पर उसके कैंसर के इलाज में भी देरी होगी.'

    कोरोना से रिकवरी अधिक जटिल
    कैंसर रोगियों के लिए कोरोना से रिकवरी अधिक जटिल है, क्योंकि कोविड के बाद के लक्षण या लॉन्ग कोविड सिंड्रोम हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं. डॉक्टर रायज़ादा ने बताया, 'ऐसे रोगियों में अत्यधिक कमजोरी, लगातार खांसी, सांस की तकलीफ, धड़कन, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी, लगातार सिरदर्द, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, अवसाद के साथ थकान होने समस्या रहती है. ऐसे में कई रोगी कैंसर के इलाज को फिर से शुरू करने की स्थिति में नहीं होते हैं, जिससे उनका कैंसर बढ़ सकता है.' इसलिए, लंबे समय तक कोविड एक भयानक कारक है और इससे कैंसर रोगियों में मौत की दर बढ़ सकती है.

    लगातार बने रह सकते हैं लक्षण
    डॉक्टर नीती रायज़ादा ने कहा कि लॉन्ग कोविड में लंबे समय संक्रमण के लक्षण बने रहते हैं. मरीज को अत्यधिक कमजोरी और थकान होती है. ये लक्षण कैंसर के लक्षणों के साथ ओवरलैप हो जाते हैं. ऐसे में रोगियों के लिए शुरुआती दौर में कैंसर का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. जब तक वे कैंसर के इलाज के लिए पहुंचते हैं, तब तक उनकी स्थिति और खराब हो जाती है.

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    रायजादा ने कहा हालांकि, अब कुछ मामलों में देखा गया है कि कई कैंसर मरीज कोविड होने के बाद भी इलाज में अच्छा रिस्पॉन्स कर रहे हैं. वे ऐसे मरीज हैं, जिन्हें पहले ही कैंसर का पता चल गया है. लॉकडाउन के बावजूद वो इलाज सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे हैं.

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