Decoding Long Covid: कोरोना से ठीक होने के बाद किडनी में आ सकती है खराबी, जांच को न करें नजरअंदाज

स्टडी में पता चला है कि 13 फीसदी मरीज़ जिनकी किडनी में कोई खराबी नहीं दिखी वो कुछ महीनों में बीमार हो गए.

Decoding Long Covid: फोर्टिस हीरानंदानी अस्पताल में वरिष्ठ सलाहकार नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट चिकित्सक डॉक्टर अतुल इंगले के मुताबिक, चिंता की बात ये है कि कोरोना से ठीक होने के बाद किडनी खराब होने के बारे में जल्दी पता नहीं चलता है.

  • Share this:
    (सिमांतनी डे)

    नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर (Corona 2nd Wave) अब धीरे-धीरे थमती नज़र आ रही है, लेकिन चिंता की बात यह है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीज़ों को पूरी तरह फिट होने में काफी समय लग सकता है. ऐसी परेशानियों को डॉक्टर 'लॉन्ग कोविड'  (Decoding Long Covid) का नाम दे रहे हैं. यानी वो बीमारियां जो कोरोना के बाद लोगों को लंबे समय तक परेशान करती हैं. न्यूज़-18 ने मरीज़ों की इन्हीं दिक्कतों को लेकर एक सीरीज़ की शुरुआत की है. इसके तहत कोरोना से ठीक होने के बाद किन बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है इस बारे में डॉक्टर विस्तार से जानकारी दे रहे हैं.

    आज इस सीरीज़ में हमने वाशी के फोर्टिस हीरानंदानी अस्पताल में वरिष्ठ सलाहकार नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट चिकित्सक डॉक्टर अतुल इंगले से बातचीत की है. वो बता रहे हैं कि कोरोना के बाद मरीज़ों की किडनी पर कैसा असर पर पड़ता है.

    6 महीने बाद असर
    डॉ इंगले ने न्यूज़ 18 को बताया, 'कोविड -19 के रोगियों के बीच एक अध्ययन किया गया है, जिसमें पता चला है कि कोरोना होने के करीब छह महीने के बाद किडनी में खराबी आ सकती है. इसके अलावा प्रोटीन रिसाव और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है. हालांकि कुछ मरीज़ों में ये भी देखा गया है कि उनकी किडनी की बीमारियां ठीक भी हो जाती हैं और वो सामान्य जीवन जीने लगते हैं.'

    ये भी पढ़ें:- कोरोना से हुई मौत पर नहीं दे सकते 4 लाख का मुआवजा- सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

    शुरुआत में नहीं दिखते हैं लक्षण
    डॉक्टर इंगले के मुताबिक चिंता की बात ये है कि कोरोना से ठीक होने के बाद किडनी खराब होने के बारे में जल्दी पता नहीं चलता है. इसके लक्षण शुरुआत में नहीं दिखते हैं. कई बार किडनी में दिक्कतों के बारे में एडवांस स्टेज में पता चलता है. डॉक्टर ने एक स्टडी का हावाला देते हुए बताया कि कोरोना से ठीक होने के 6 महीने बाद भी कई बिमारियां उभर कर सामने आती है. ऐसे में किडनी के कई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ जाती है.

    कराते रहे जांच
    डॉक्टर इंगले ने आगे बताया कि स्टडी में पता चला है कि 13 फीसदी मरीज़ जिनकी किडनी में कोई खराबी नहीं दिखी वो कुछ महीनों में बीमार हो गए. खास बात ये है कि इन लोगों की eGFR रिपोर्ट भी ठीक थी. डॉक्टरों के मुताबिक इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर जांच कराते रहें.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.