अपना शहर चुनें

States

दीप सिद्धू ने किसान नेताओं से कहा- 'अगर मैं बात खोलने पर आया तो बहुत सी बातें खुल जाएंगी'

दीप सिद्धू ने फेसबुक लाइव पर किसान नेताओं को दी चेतावनी
दीप सिद्धू ने फेसबुक लाइव पर किसान नेताओं को दी चेतावनी

दीप सिद्धू ने कहा, 'अगली बात जब मुझसे कहा गया कि तूने हिंसा भड़काई है. लड़ने को तो मैं वहां लड़ जाता, लेकिन ऐसा करके छवि बिगाड़ी जाती. अगर मैं बात खोलने पर आया तो बहुत सी बातें खुलेंगी, लेकिन ये वो टाइम नहीं है. कई बातों को पीना/छिपाना पड़ेगा. मैं सच को सामने लाकर रखूंगा. बाद में दलील रखूंगा. तुम खुद को समझकर क्‍या बैठे हो? इस तरह तो कोई तुम्‍हारे लिए खड़ा नहीं होगा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 4:50 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. किसान ट्रैक्‍टर रैली (Kisan Tractor Rally) के दौरान पंजाबी एक्‍टर दीप सिद्धू (Deep Sidhu) पर संयुक्‍त किसान मोर्चे (Sanyukta Kisan Morcha) ने भीड़ को भड़काने और लाल किले (Lal Quila) पर झंडा फहराकर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए हैं. इससे नाराज दीप सिद्धू ने अब मोर्चे के खिलाफ बगावती तेवर दिखाते हुए कहा है कि अगर मैं बात खोलने पर आया तो बहुत सी बातें खुलेंगी. साथ ही उन्होंने मोर्चे पर तानाशाही रुख अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा, 'तुम इतने अहंकार में रहते हो कि किसी की नहीं सुनते. जो फैसला हम करेंगे, वही मानना पड़ेगा. यह तुम्‍हारी भाषा है. अगर ऐसा चलता रहा तो कोई भी नौजवान जज्‍बातों से नहीं लड़ेगा.'

लाल किला पर जब गेट टूटा, तब मैं वहां पहुंचा...
दीप सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर बुधवार रात को लाइव करते हुए कहा, 'मेरे खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है. हमारे मोर्चे और इस संघर्ष को कोई दिक्‍कत न हो, इसके लिए मैं अभी तक चुप रहा. लेकिन अब कुछ बातें करनी जरूरी हैं. पहली बात तो ये कि 26 तारीख से पहले की रात को स्‍टेज से युवाओं ने बड़ी संख्‍या में रोष प्रकट करते मोर्चे के नेताओं से कहा था कि पहले आपने ही दिल्‍ली के अंदर प्रवेश करने को कहा था. अब आखिर क्षणों में हमें सरकार की तरफ से दिए गए रूट पर जाने को कहा जा रहा है, यह मंजूर नहीं है. हालात ऐसे बन गए कि हमारे नेताओं ने इससे किनारा कर लिया. सिचुएशन संभालने के लिए फ‍िर मुझे बुलाया गया. मैंने स्‍टेज पर जाकर सभी को बातें समझाईं. मैंने साझा फैसला लेने की बात कही. पर उन्‍हें बात समझ नहीं आई. इसके बाद सुबह सिंघु, टिकरी, गाजीपुर सभी बॉर्डर से जत्‍थे खुद दिल्‍ली की तरफ कूच कर गए. लाल किला पर जब गेट टूटा तब मैं वहां पहुंचा. वहां हजारों की संख्‍या में लोग और ट्रैक्‍टर मौजूद थे. मैंने लाल किले के अंदर देखा कि वहां कोई बड़ा नेता नहीं था.'


'मुझे गद्दार का सर्टिफ‍िकेट दे द‍िया गया'


उन्होंने कहा, 'वहां खाली पोस्‍ट पर लोगों ने निशान साहिब और किसानों का झंडा फहराया. किसी प्रॉपर्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया. न किसी बंदे से मारपीट की. सरकार के रवैये के चलते रोष में यह लोगों ने किया. अगर आप मुझे कहते हैं कि ऐसा होने से मैं गद्दार हो गया तो वहां मौजूद तीन से पांच लाख लोग भी गद्दार हो गए. फ‍िर तो सभी गद्दार हो गए. आपको ऐसा कहते हुए शर्म आनी चाहिए. अगर वहां लीडरशिप आकर कहती कि देखो हमारी मांगे न मानने पर किसानों ने क्‍या कर दिखाया तो सरकार पर कितना बड़ा प्रेशर पड़ता, लेकिन मुझे गद्दार का सर्टिफ‍िकेट दे द‍िया गया.'

'फिर तुम किस बात के लीडर रह गए'
पंजाबी कलाकर ने कहा, 'लाखों लोग अगर मेरे कहने पर आते तो फिर तुम किस बात के लीडर रह गए. फ‍िर तो सारा कैडर ही मेरा. दूसरी बात यह कि मुझे आरएसएस, बीजेपी का बंदा कहा जा रहा है. क्‍या लाल किले पर निशान साहिब, किसानों का झंडा कोई आरएसएस, बीजेपी का बंदा लगाएगा? यह सोचकर तो देखिए? इस तरह तो तुम्‍हारी बदनीयत सामने आ रही है. तुम इतने अहंकार में रहते तो कि किसी की नहीं सुनते. जो फैसला हम करेंगे, वही मानना पड़ेगा. यह तुम्‍हारी भाषा है. अगर ऐसा चलता रहा तो कोई भी नौजवान जज्‍बातों से नहीं लड़ेगा. तुम्‍हें तो उस दिन को सेलिब्रेट करना चाहिए था, क्‍योंकि ऐसा करके हमने सरकार को जगाया.'

'मैं कहीं नहीं गया, यहीं बॉर्डर के पास हूं'
दीप ने कहा, 'यह भी कहा जा रहा है क‍ि मैं सिंघु बॉर्डर से मोटरसाइकिल से भाग गया, मैं कहीं नहीं गया, यहीं बॉर्डर के पास हूं. मैंने ट्रैक्‍टर पर बैठकर लाइव किया.'

किसान नेताओं से कहा; अपनी मानसिकता और ढंग बदलो
दीप सिद्धू ने कहा. 'अगली बात जब मुझसे कहा गया कि तूने हिंसा भड़काई है. लड़ने को तो मैं वहां लड़ जाता, लेकिन ऐसा करके छवि बिगाड़ जाती. अगर मैं बात खोलने पर आया तो बहुत सी बातें खुलेंगी, लेकिन ये वो टाइम नहीं है. कई बातों को पीना/छिपाना पड़ेगा. मैं सच को सामने लाकर रखूंगा. बाद में दलील रखूंगा. तुम खुद को समझकर क्‍या बैठे हो? इस तरह तो कोई तुम्‍हारे लिए खड़ा नहीं होगा. अपनी मानसिकता और ढंग बदलो. नहीं बदलागे तो पछताओगे. सरकार ने मेरे पीछे लोग लगा दिए हैं. अगर मैं परते खोलने पर आ गया ना तो किसी को कुछ नहीं मिलेगा.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज