भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य बोले- बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से बड़ी दुश्मन है BJP

सीपीआई के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य
सीपीआई के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य

दीपांकर भट्टाचार्य (Deepankar Bhattacharya) ने दावा किया कि भगवा दल का सामना करना इस समय देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन दोनों पार्टियों (CPM-CPI) के गठबंधन में प्रमुख भूमिका नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे वामदल को बहुत लाभ नहीं होगा.

  • Share this:
कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भाजपा को ‘राजनीतिक दुश्मन नंबर एक’ करार देते हुए भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य (Deepankar Bhattacharya ) ने शनिवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भगवा दल को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता. साथ ही उन्होंने कहा कि वाम और कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में पहले ‘सबसे बड़े खतरे’ का मुकाबला करना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘विभाजनकारी ताकतों’ का मुकाबला करने के लिए माकपा में ‘भाजपा विरोधी आक्रमकता’ की कमी है.

कांग्रेस से गठबंधन से पर क्या बोले
भट्टाचार्य ने इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस को इन दोनों पार्टियों के गठबंधन में प्रमुख भूमिका नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इससे वामदल को बहुत लाभ नहीं होगा. उन्होंने दावा किया कि भगवा दल का सामना करना इस समय देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने सभी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों का आह्वान किया कि अगले साल अप्रैल-मई महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को ‘प्रधान राजनीतिक दुश्मन’ के तौर पर लें.

तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली ठीक नहीं
उन्होंने कहा, 'बिहार के विपरीत, जहां केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार थी, पश्चिम बंगाल की स्थिति अलग है जहां तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है. तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है और हमें उसका भी विरोध करना होगा.' भट्टाचार्य ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘लेकिन एक बात स्पष्ट कर दूं कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता. पश्चिम बंगाल में भाजपा को प्रधान राजनीतिक शत्रु के रूप में पहचान की जानी चाहिए.’



भगवा पार्टी बड़ा खतरा है
भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि अगर राज्य में गैर भाजपा सरकार है जो कुशासन और भ्रष्टाचार से घिरी हुई है, इसके बावजूद लोगों को भगवा दल का विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मुख्य ध्यान भाजपा पर होना चाहिए. भगवा पार्टी बड़ा खतरा है.’ उन्होंने रेखांकित किया कि जब लालू प्रसाद यादव नीत पार्टी बिहार की सत्ता में थी तब माकपा (माले) लिब्रेशन राजद के साथ-साथ भगवा दल के खिलाफ लड़ी थी.

ये भी पढ़ें:-दिल्ली की हवा में नया जहर! अक्टूबर-नवंबर में बेहद खतरनाक स्तर पर था PM-1: NASA

तृणमूल कांग्रेस से मुकाबला
माकपा के कुछ नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस को पहले हराने संबंधी बयान पर भट्टाचार्य ने कहा कि यह अव्यावहारिक रुख है. उन्होंने कहा, ‘अगर आप इस सिद्धांत के साथ जाते हैं कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए पहले तृणमूल कांग्रेस को हराना चाहिए तब तो इस समय केंद्र सरकार का विरोध करने की जरूरत नहीं है. हमें भाजपा को सभी राज्यों में आने का इंतजार करना चाहिए और इसके बाद विरोध शुरू करना चाहिए. यह अव्यावहारिक रुख है.’ उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार वाम दलों और पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बड़ा खतरा है.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज