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भारतीय नौसेना को मिला विग्रह पोत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- पूरी तरह स्‍वदेशी है जहाज

भारतीय नौसेना को मिला विग्रह पोत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- पूरी तरह स्‍वदेशी है जहाज


भारतीय तटरक्षक बल के पोत विग्रह के कमीशनिंग इवेंट में हिस्‍सा लेने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह.

भारतीय तटरक्षक बल के पोत विग्रह के कमीशनिंग इवेंट में हिस्‍सा लेने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह.

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के पोत विग्रह (Vigraha) का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने किया है. 98 मीटर का ये पोत आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) में स्थित होगा. इस पोत का संचालन 11 अधिकारियों और 110 नाविकों की कंपनी द्वारा किया जाएगा.

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    चेन्‍नई. भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के पोत विग्रह के कमीशनिंग इवेंट में हिस्‍सा लेने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, इस पोत (Ship) की कमीशनिंग हमारी तटीय रक्षा क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार के साथ रक्षा क्षेत्र में हमारी लगातार बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाती है. 98 मीटर लंबा ये पोत आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) में स्थित होगा. इस पोत का संचालन 11 अधिकारियों और 110 नाविकों की कंपनी द्वारा किया जाएगा. विग्रह के भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होने के बाद भारत के पास 157 पोत और 66 विमान हो जाएंगे.

    बता दें कि भारतीय तटरक्षक बल के पोत विग्रह का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने किया है. भारतीय तटरक्षक बल के पोत (आईसीजीएस) ‘विग्रह’ को यहां नौसेना के बेड़े में शामिल करने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि अगले दो वर्षों में दुनियाभर में सुरक्षा पर खर्च दो लाख दस हजार करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा. ‘विग्रह’ सात अपतटीय गश्ती जहाजों में आखिरी जहाज है. उन्होंने कहा, ज्यादातर देशों का पूरे एक साल के लिए भी इस स्तर का बजट नहीं है. अगले पांच वर्षों में इसके कई गुना तक बढ़ने की संभावना है. ऐसी स्थिति में आज हमारे पास अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करने, नीतियों का फायदा उठाने और देश को स्वदेशी जहाज निर्माण का हब बनाने की ओर बढ़ने की असीम संभावना है.

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    रक्षा मंत्री ने कहा, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इन संभावनाओं पर विचार करते हुए सरकार ने विश्व स्तर पर पहचान बनाने के लिए पहले ही ऐसी नीतियां बनाई है जो हमारे घरेलू उद्योग को मदद करती हैं चाहे वह सार्वजनिक क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र की संस्था हो. आईसीजीएस विग्रह पर उन्होंने कहा, इसके डिजाइन से लेकर विकास तक यह जलपोत पूरी तरह स्वदेशी है.  उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा के इतिहास में पहली बार निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टूब्रो के साथ एक या दो नहीं बल्कि सात जहाजों के लिए करार हुआ है.

    बता दें कि ये जहाज 100 मीटर लंबा है और नेविगेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में नवीनतम तकनीक से लैस है. इस पोत को भविष्‍य में आने वाली जरूरतों को देखते हुए डिजाइन किया गया है. इस पोत के तैयार होने के साथ हम कह सकते हैं कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने की ओर अपना कदम बढ़ा चुका है.

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    राजनाथ सिंह ने कहा, मैं जहाज की तकनीक के बारे में ज्‍यादा तो नहीं बताऊंगा लेकिन हां मैं इतना कह सकता हूं कि इसके डिजाइन से लेकर डेवलपमेंट तक, यह जहाज पूरी तरह से स्वदेशी है. उन्‍होंने बताया कि हमारी भारतीय तटरक्षक बल ने 5 से 7 छोटी नाव से अपनी शुरुआत की थी लेकिन अब उसके पास 150 से अधिक जहाज और 65 से अधिक विमान हैं.

    Tags: Indian Coast Guard, Rajnath Singh

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