कृषि बिल पर 6 मंत्रियों ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, राजनाथ सिंह बोले- किसानों में गलतफहमी पैदा की गई

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में हुए विपक्ष के हंगामे की निंदा की (File Photo)
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में हुए विपक्ष के हंगामे की निंदा की (File Photo)

Rajnath Singh Press Conference: विपक्ष के हंगामे को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी घटना दुखद थी, दुर्भाग्यपूर्ण थी इसके साथ ही साथ शर्मनाक भी थी. देश की संसद को चलाने के लिए जितनी जरूरी सरकार है उतना ही विपक्ष भी है.

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  • Last Updated: September 21, 2020, 12:57 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कृषि बिल (Agriculture Bills) और राज्यसभा (Rajyasabha) में विपक्ष के हंगामे को लेकर पांच अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राज्यसभा के हंगामे पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी घटना संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है. इससे संसदीय गरिमा को गहरी चोट पहुंची है. राजनाथ सिंह ने कहा कि कृषि विधेयक को लेकर विपक्ष ने जिस तरह का हंगामा किया वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पूरी तरह से खिलाफ हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं इस तरह के व्यवहार की पूरी तरह से भर्त्सना करता हूं. कृषि विधेयक को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं खुद किसान हूं मैं किसानों की परेशानियों को समझता हूं ये सरकार भी किसानों की परेशानी को समझती है केंद्र सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगी जिससे कि किसी भी तरह से किसानों को नुकसान हो.

विपक्ष के हंगामे को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी घटना दुखद थी, दुर्भाग्यपूर्ण थी इसके साथ ही साथ शर्मनाक भी थी. संसदीय कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए जहां सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी बनती है वहीं विपक्ष का सहयोग भी अपेक्षित है. राजनाथ सिंह ने कहा आम किसानों के अंदर गलतफहमी करके राजनीतिक स्वार्थ को साधने की जो कोशिश की जा रही है वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सही नहीं है. राजनाथ सिंह ने कहा ये दोनों विधेयक किसान और कृषि जगत के लिए ऐतिहासिक हैं, इसे लागू करने से स्वाभाविक रूप से किसानों की आमदनी बढ़ेगी लेकिन किसानों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है. कि एमएसपी खत्म कर दी जाएगी, केपीएमसी समाप्त कर दी जाएगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि हकीकत ये है कि इन विधेयकों के पास होने के बाद हमारे देश का किसान भारत में जहां चाहें वहां अपना माल बेचने के लिए स्वतंत्र है.

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किसानों की आय दोगुनी करने पर भी हो रहा काम
राजनाथ सिंह ने कहा न तो केपीएमसी समाप्त हो रही है और न ही एमएसपी खत्म हो रही है. इसके पहले भी सरकार ने बराबर एमएसपी बढ़ाया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया है उसमें भी हम काफी हद तक सफल हो रहे हैं.

राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के साथ जो दुर्वव्यहार हुआ है वह प्रत्यक्ष देश ने देखा है. हरिवंश जी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी समय तक काम किया है और लोग उनसे अच्छी तरह से परिचित हैं. उनकी छवि मूल्यों में विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में रही है लेकिन सीधे उनके आसन तक चले जाना और वहां खड़े हो जाना, वहां जाकर रूल्स बुक को फाड़ देना और अन्य कागजों को भी फाड़ना और आसन पर चढ़ जाना पूरी तरह से भर्त्सना करने वाला व्यवहार है.

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संसदीय इतिहास में पहली बार हुई ऐसी घटना
राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां तक मैं जानता हूं भारत के संसदीय इतिहास में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई है. संसदीय प्रक्रिया में विश्वास रखने वाला कोई भी व्यक्ति आज हुई इस प्रकार की घटना से आहत हुआ है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ, थावरचंद गहलोत, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी शामिल हुए.
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