आर्टिकल-370 हटाने के लिए पीएम मोदी ने पिछली सरकार में ही शुरु कर दिया था काम: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद-370 (Article-370) और 35A को हटाने के लिए जमीनी कार्य की शुरूआत पिछली सरकार के दौरान की गयी थी.

भाषा
Updated: August 9, 2019, 5:45 AM IST
आर्टिकल-370 हटाने के लिए पीएम मोदी ने पिछली सरकार में ही शुरु कर दिया था काम: रक्षा मंत्री
आर्टिकल-370 को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई जानकारी सामने रखी है (फाइल फोटो)
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Updated: August 9, 2019, 5:45 AM IST
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संवैधानिक प्रावधानों अनुच्‍छेद-370 (Article-370) और 35A  को हटाने के लिए जमीनी कार्य की शुरूआत पिछली सरकार के दौरान की गयी थी. इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि सशस्त्र बल पश्चिमी मोर्चे पर किसी भी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

एक थिंक-टैंक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर में स्थिति को नहीं बिगड़ने देने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की.

'किसी भी देश को ऐसा पड़ोसी नहीं हो, जैसा हमारा है’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमें सबसे बड़ी आशंका अपने पड़ोसी से है. आप अपने मित्र को बदल सकते हैं, लेकिन आपके पास अपना पड़ोसी चुनने का विकल्प नहीं होता है. मैं प्रार्थना कर रहा हूं कि किसी भी देश को ऐसा पड़ोसी नहीं हो, जैसा हमारा है.’’

अनुच्छेद 370 खत्म होने से खत्म हुआ है भेदभाव
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के सरकार के फैसले से ‘‘भेदभाव’’ को समाप्त कर दिया है, जिसका सामना लोग 70 वर्षों से कर रहे रहे थे.

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे के स्थायी समाधान की दिशा में जमीनी पहल की गई थी.
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'किसी भी खतरे के सामने के लिए तैयार हमारे सशस्त्र बल'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘फैसले का कुछ प्रभाव होगा.’’ उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश खुश नहीं है और वह शांति भंग करने की कोशिश करेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने सुरक्षा चुनौती स्वीकार कर ली है और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

बता दें कि भारत के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के फैसले के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसपर बोलने के लिए उकसा रहा है लेकिन किसी भी देश ने खुलकर पाकिस्तान का पक्ष नहीं लिया है. इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान को ही होने के आसार हैं.

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First published: August 9, 2019, 5:45 AM IST
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