LAC पर तनाव के बीच शुक्रवार को लद्दाख दौरे पर राजनाथ सिंह, हालातों का लेंगे जायजा

राजनाथ सिंह उस इलाके का दौरा करेंगे जहां पर तनाव पैदा हुआ था.
राजनाथ सिंह उस इलाके का दौरा करेंगे जहां पर तनाव पैदा हुआ था.

गलवान घाटी में भारतीय सेना (Indian Army) और चीनी सैनिकों (Chinese Soliders) के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच शांति के लिए वार्ता जारी है. इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) शुक्रवार को लद्दाख के दौरे पर जाएंगें.

  • Share this:

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारतीय सेना (Indian Army) और चीनी सैनिकों (Chinese Soliders) के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच शांति के लिए वार्ता जारी है. इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) शुक्रवार को लद्दाख के दौरे पर जाएंगें. सीमा पर राजनाथ सिंह सैनिकों और कमांडरों से मुलाकात कर भारत के सैन्य तैयारियों की समीक्षा करेंगे.


सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लद्दाख में राजनाथ सिंह घायल सैनिकों से मुलाकात करने के लिए अस्पातल भी जाएंगें. राजनाथ सिंह के साथ सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख के दौरा पर होंगे. इससे एक सप्ताह पहले भी नरवणे सीमा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं.  खास बात ये है कि राजनाथ सिंह का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत ने जमीन से हवा (Surface-to-Air) में मार करने वाली आकाश मिसाइल Air Defense System को एलसी पर तैनात किया है.


12 घंटे तक चली बैठक


पूर्वी लद्दाख में दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक संघर्ष और लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर तनाव के हालात के मद्देनजर चुशूल में भारत और चीन (India-China Standoff) के बीच लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच की बातचीत मंगलवार रात 11:00 बजे खत्म हुई. सूत्रों ने बताया कि यह बैठक 12 घंटे तक चली. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में भारत ने चीन से 22 जून को हुए समझौते का पालन करने को कहा.





भारत के 20 जवान हुए थे शहीद

भारतीय और चीनी सैनिक 15-16 जून 2020 की रात को भिड़ गए थे. इसके बाद दोनों सेना के बीच खूनी संघर्ष हुआ और भारतीय सेना के 20 जनाव शहीद हो गए थे. सेना ने बयान में कहा कि जान गंवाने वाले 20 में से 17 सैनिक गतिरोध वाले स्थान पर, शून्य से नीचे तापमान में ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. भारतीय सेना ने कहा है कि हम राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं.






1967 से नहीं चली है एक भी गोली
बता दें पूर्वी लद्दाख सेक्टर में फिलहाल भारत और चीन की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की संख्या लगभग एक समान हो गई है. यही नहीं दोनों देशों की ओर से गोला-बारूद समेत अन्य हथियार भी इकट्ठा कर लिए गए हैं. बता दें एलएसी पर 1967 के बाद से एक भी गोली नहीं चली है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज