8 अक्टूबर को खुद फ्रांस जाकर राफेल जेट रिसीव करेंगे रक्षा मंत्री, इसलिए तय की गई यह तारीख

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Updated: September 10, 2019, 5:24 PM IST
8 अक्टूबर को खुद फ्रांस जाकर राफेल जेट रिसीव करेंगे रक्षा मंत्री, इसलिए तय की गई यह तारीख
भारत में राफेल विमानों की डिलिवरी मई, 2020 तक ही हो सकेगी (फाइल फोटो)

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 8 अक्टूबर को फ्रांस (France) की यात्रा पर जाएंगे. वे वहां भारत के पहले राफेल जेट (First Rafale Fighter Jet) को रिसीव करने जा रहे हैं.

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नई दिल्ली. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 8 अक्टूबर को फ्रांस (France) की यात्रा पर जाएंगे. वे वहां भारत के पहले राफेल जेट (First Rafale Fighter Jet) को रिसीव करने जाएंगे.

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा सचिव अजय कुमार और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 8 अक्टूबर को फ्रांस की यात्रा पर जाएंगे. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सिंतबर के तीसरे सप्ताह तक भारत को राफेल सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

इसलिए शुभ मानी जा रही है 8 अक्टूबर की तारीख
सरकार के सूत्रों ने बताया कि 8 अक्टूबर की तारीख दो वजहों से शुभ मानी जा रही है. पहली वजह कि इसी दिन दशहरा (Dussehra) का त्योहर पड़ रहा है और दूसरी वजह की इसी दिन एयरफोर्स डे (Air Force Day) है.

भारतीय वायुसेना के 24 पायलटों को दी जाएगी राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग राफेल विमान पारंपरिक रूप से भारत को सौंपे जाएंगे. राफेल विमान सौंपते वक्त फ्रांस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

राफेल देश में आने से पहले ही ट्रेंड किए जाएंगे 24 पायलट
राफेल विमान आने से पहले ही भारतीय वायुसेना ने 24 पायलटों को राफेल की ट्रेनिंग देने की तैयारी भी कर ली गई है. ताकि जब राफेल भारत में आ जाए तो भारतीय पायलट (Indian Pilot) इन विमानों को उड़ाने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड हों. ये सभी पायलट तीन अलग-अलग बैच में अपनी ट्रेनिंग खत्म कर लेंगे. अगले साल मई तक सभी राफेल विमान भारत में आ जाएंगे. तब तक और पायलटों की ट्रेनिंग जारी रहेगी.
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आशा यह भी है कि जब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 अक्टूबर को फ्रांस में बोर्डेक्स प्रांत के पास इस प्रोग्राम में शामिल होंगे, उस दौरान भारतीय पायलट ही राफेल जेट उड़ाते दिख सकते हैं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद फ्रांस जाकर 8 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर राफेल विमानों को भारतीय एयरफोर्स के लिए रिसीव करेंगे (फाइल फोटो)


अगले साल मई तक ही देश में आ सकेंगे राफेल जेट
हालांकि इन जेट विमानों को आधिकारिक तौर पर भारतीय वायुसेना (IAF) में 8 अक्टूबर को ही शामिल कर लिया जाएगा लेकिन वो वास्तव में भारत में अगले साल यानि 2020 की मई तक ही आ सकेंगे. तब तक का वक्त उन्हें भारतीय परिस्थितियों और पायलटों की जरूरतों के हिसाब से ढ़ालने में लगाया जाएगा.

पूर्वी और पश्चिमी फ्रंट पर राफेल विमानों को पोस्ट करने का है प्लान
भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jet) के एक-एक दस्ते को हरियाणा के अंबाला और पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर तैनात करने का प्लान बना चुकी है. यानि भारत इन सभी विमानों की तैनाती पूर्वी और पश्चिमी फ्रंट पर करने वाला है.

सितंबर 2016 को भारत और फ्रांस (France) के बीच 36 राफेल विमान खरीदने की फाइनल डील पर हस्ताक्षर किए गए थे. इन विमानों की कीमत 7.57 बिलियन यूरो रखी गई थी. इस डील के मुताबिक विमानों की डिलिवरी सितंबर, 2018 से शुरू होने की बात कही गई थी.

भारत ने अपनी डील में कहा था कि इन वह विमानों की जल्दी से जल्दी डिलिवरी चाहता है और इसलिए विमान जल्द से जल्द तैयार कर लिए जाने चाहिए. हालांकि तय तारीख से इसमें काफी देर हो चुकी है.

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First published: September 10, 2019, 5:24 PM IST
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