पाकिस्तानी सेना ही भारत में करा रही है आतंकियों की घुसपैठ: रक्षा मंत्रालय

जैश ए मोहम्मद के पुलवामा हमले ने यह साबित कर दिया था कि भारत अभी भी पाकिस्तान के राज्य समर्थित आतंकवाद का निशाना बना हुआ है.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 8:21 PM IST
पाकिस्तानी सेना ही भारत में करा रही है आतंकियों की घुसपैठ: रक्षा मंत्रालय
भारतीय सेना की चौकसी ने आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम किया है (रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 8:21 PM IST
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना के जरिए आतंकवादी गुटों को लगातार भारत में घुसपैठ के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन आतंकियों की घुसपैठ को मुमकिन बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में सीमापार से भारी गोलीबारी की जाती है. भारतीय सेना भी ऐसे हालातों में उपयुक्त कदम उठाती है.

जैश ए मोहम्मद के पुलवामा हमले ने यह साबित कर दिया था कि भारत लगातार पाकिस्तान के राज्य समर्थित आतंकवाद का निशाना बना हुआ है. यह सीमापार आतंक फैलाने की रणनीति पर काम कर रही है. भारत ने इसका उपयुक्त जवाब दिया है, जिसमें एक सफल गैर-युद्ध वाली पाकिस्तान में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप पर की गई आतंकवाद विरोधी एयरस्ट्राइक भी शामिल है.

पाकिस्तान ने अभी भी नहीं की है ग्लोबल टेररिस्ट संगठनों पर कार्रवाई
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकी समूहों को मदद करना बंद नहीं कर देता रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने अभी तक जिहादी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन झेल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया है, जिसका नुकसान पाकिस्तान के पड़ोसियों को उठाना पड़ रहा है.

भारतीय सेना की चौकसी से घुसपैठ की घटनाओं में आई भारी कमी
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना के चौकन्ना रहने के चलते घुसपैठ के मामलों में भारी कमी आई है. इसमें बताया गया है कि 2018 में 15 घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया जिसनें 35 आतंकियों को मार गिराया गया है. इसके अलावा साल 2017 में 33 घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करते हुए 59 आतंकवादियों को ढेर किया था. 2018 में कुल 254 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया है.

कश्मीरी युवकों के आतंकी संगठनों से जुड़ने की घटनाओं में भी आई कमी
Loading...

रिपोर्ट में बताया गया है कि घाटी में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल के सहयोग के चलते सफल ऑपरेशन किए गए हैं और आतंकी संगठनों के कमांडरों और आतंकियों को निशाना बनाया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उत्तरी कश्मीर में आतंकवाद को दोबारा बढ़ाने की कोशिशों को विफल किया गया है और आतंकी संगठनों में युवकों की भर्ती सिर्फ दक्षिणी कश्मीर तक सीमित रह गई है. रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल कश्मीर में सुरक्षा हालात क़ाबू में हैं.

चीन की ओर से भी कम हुई सीमा उल्लंघन की घटनाएं
रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल चीनी सेना की ओर से आक्रामक गोलीबारी और सीमा उल्लंघन के मामलों में कमी आई है.

रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा है कि 28 अगस्त, 2017 को डोकलाम पठार पर तनातनी खत्म होने के बाद से वहां पर भारतीय और चीनी दोनों ही सेनाओं की संख्या घटाई गई है. भारतीय सेना इस इलाके में चीनी गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है और वहां पर अचानक से होने वाली किसी भी घटना का पर्याप्त जवाब देने की क्षमता रखती है.

यह भी पढ़ें: भारत ने कहा- PAK हाफ़िज़ पर कार्रवाई करे, दिखावा नहीं
First published: July 18, 2019, 7:13 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...