और मजबूत बनेगी भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्री ने इन एडवांस उपकरणों की खरीद को दी मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए दो स्वदेश निर्मित एडवांस तकनीकों को खरीदने की अनुमति दे दी है.

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Updated: August 9, 2019, 5:46 AM IST
और मजबूत बनेगी भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्री ने इन एडवांस उपकरणों की खरीद को दी मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के लिए एडवांस उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है (फाइल फोटो)
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Updated: August 9, 2019, 5:46 AM IST
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए स्वदेश निर्मित ‘सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (SDR टैक्टिकल)’ और ‘नेक्स्ट जनरेशन मैरीटाइम मोबाइल कोस्टल बैटरीज’ (लॉन्ग रेंज) की खरीद को मंजूरी दे दी. इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने रक्षा खरीद प्रक्रिया 2016 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी जिससे डिफेंस के लिए उपकरणों की खरीद में आसानी हो सके.

एसडीआर (SDR) एक जटिल और अत्याधुनिक संचार प्रणाली है जिसे भारतीय अनुसंधान विकास संगठन (DRDO), भारत इलेक्टॉनिक्स लिमिटेड और वेपन्स इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम इंजीनियरंग इस्टैब्लिश्मेन्ट ने तैयार किया है. इस तकनीक से भारतीय नौसेना की आंतरिक संचार प्रणाली को काफी फायदा होने की उम्मीद है.

ब्रह्मोस मिसाइलों में फिट की जाएंगी मोबाइल कोस्टल बैटरीज
‘नेक्स्ट जेनरेशन मैरीटाइम मोबाइल कोस्टल बैटरीज’ (लॉन्ग रेंज) को भारत में ही बनाया और डेवलप किया गया है. इसे भारत में बनाने का काम भारत-रूस संयुक्त उपक्रम-ब्रह्मोस एरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने किया है. इसे सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ फिट किया जाएगा इसकी तैनाती तटीय क्षेत्रों में की जाएगी.

मजबूर नेवी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है भारत
इस दौरान भारत का फोकस अपनी नौसेना पर काफी बढ़ा है. SDR संचार प्रणाली और नेक्स्ट जेनरेशन मैरीटाइम मोबाइल कोस्टल बैटरीज की खरीद को मंजूरी, इजरायल के साथ नौसेना की 345 करोड़ रुपये की रक्षा तकनीक की डील के एक महीने के अंदर ही दी गई है. इजरायल के साथ जुलाई में हुई नौसेना की इस डील में उसे MRSAM डिफेंस सिस्टम मिला था.

एडवांस डिफेंस सिस्टम है इजरायल का MRSAM
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MRSAM, इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) का एक वायुरक्षा प्रणाली वाला डिफेंस सिस्टम है. इस सिस्टम में मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें होती हैं. यह तकनीक जमीनी और समुद्री खतरों के खिलाफ भी काम आ सकती है. इसमें कई सारे सुरक्षा उपकरण, जैसे डिजिटल राडार, कमांड और कंट्रोल, लॉन्चर और इंटरसेप्टर आदि लगे होते हैं. ये सारे ही उपकरण एडवांस तकनीक के होते हैं. (समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: August 9, 2019, 5:46 AM IST
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