लद्दाख के हालात पर रक्षा मंत्री ने विदेश मंत्री, सेना प्रमुख नरवणे और CDS बिपिन रावत के साथ की बैठक

India-China Border Tension in Ladakh: सरकारी सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार की रात भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने के बारे में तथा क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को अवगत कराया है.
India-China Border Tension in Ladakh: सरकारी सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार की रात भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने के बारे में तथा क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को अवगत कराया है.

India-China Border Tension in Ladakh: सरकारी सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार की रात भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने के बारे में तथा क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को अवगत कराया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 17, 2020, 12:25 AM IST
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नई दिल्‍ली. गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प की घटना के बाद पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में हालात पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार दो बैठकें की.

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री को हालात से अवगत कराया
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सिंह ने सोमवार की रात भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने के बारे में तथा क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया है. मंगलवार सुबह ऐसी खबर आई थी कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक कर्नल और दो सैनिक शहीद हो गए. हालांकि शाम को सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर आई कि भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए जबकि चीन के भी 43 जवान हताहत हुए हैं.

5 हफ्ते से भारत-चीन के बीच तनाव
पांच हफ्ते से भी ज्यादा समय से इस क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है. सूत्रों ने बताया कि सिंह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की. इसमें पूर्वी लद्दाख में जमीनी हालात की व्यापक समीक्षा की गयी. किसी भी हालात से निपटने के लिए भारत की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया.



यह पता चला है कि सरकार ने पूर्वी लद्दाख में पेंगॉन्ग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी जैसे इलाकों में भारत की सैन्य क्षमता को आगे और मजबूत करने का फैसला किया है. सूत्रों ने बताया कि तकरीबन एक घंटे तक चली बैठक के बाद सिंह ने समग्र हालात के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया.

रक्षा मंत्री ने दोपहर में विदेश मंत्री जयशंकर, थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ एक और बैठक की. सूत्रों ने बताया कि जनरल नरवणे ने सोमवार रात गलवान घाटी में हुई घटना के बारे में विस्तार से रक्षा मंत्री को अवगत कराया.

भारतीय सेना ने चीन की हरकत पर जताया एतराज
पूर्वी लद्दाख के पेंगॉन्ग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में भारतीय और चीनी सेना के बीच गतिरोध चल रहा है. पेंगॉन्ग सो सहित कई इलाके में चीनी सैन्यकर्मियों ने सीमा का अतिक्रमण किया है. भारतीय सेना ने चीनी सेना की इस कार्रवाई पर सख्त एतराज जताया है और क्षेत्र में अमन-चैन के लिए तुरंत उनसे पीछे हटने की मांग की है. गतिरोध दूर करने के लिए पिछले कुछ दिनों में दोनों तरफ से कई बार बातचीत भी हुई है.

यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयास के कारण लद्दाख में हिंसक झड़प हुई : विदेश मंत्रालय
नई दिल्‍ली. भारत ने मंगलवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में 'यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास' के कारण हुई. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता तो दोनों पक्षों की ओर जो हताहत हुए हैं उससे बचा जा सकता था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'सीमा प्रबंधन पर जिम्मेदाराना दृष्टिकोण जाहिर करते हुए भारत का स्पष्ट तौर पर मानना है कि हमारी सारी गतिविधियां हमेशा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के भारतीय हिस्से की तरफ हुई हैं. हम चीन से भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं.'

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