अब कोई दुश्मन नहीं उठा पाएगा आंख, भारतीय सेना को अभेद्य बनाने की तैयारी

आत्मनिर्भर भारत के तहत जाने वाले कई ड्रोन और लड़ाकू विमान, दुश्मन को आसमान से करेंगे ध्वस्त. (प्रतीकात्‍मक फोटो-AP)

आत्मनिर्भर भारत के तहत जाने वाले कई ड्रोन और लड़ाकू विमान, दुश्मन को आसमान से करेंगे ध्वस्त. (प्रतीकात्‍मक फोटो-AP)

Aero India 2021: राजनाथ सिंह ने कहा, 'भारत विभिन्न प्रकार की मिसाइल प्रणाली, हल्के लड़ाकू विमान/हेलीकॉप्टर, बहुद्देशीय हल्के परिवहन विमान, जंगी जहाज और गश्ती पोत, तोप प्रणाली, टैंक, रडार, सैन्य वाहन, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली एवं अन्य हथियार प्रणाली आईओआर देशों को आपूर्ति कराने के लिये तैयार है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 7:47 PM IST
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बेंगलुरु. चीन और पाकिस्तान से दो मोर्चे पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए भारत ने भी बड़ी तैयारी कर रखी है. भारतीय सेना को अभेद्य बनाने के लिए सरकार ने अब 130 अरब डॉलर की राशि खर्च करने जा रही है. मकसद है कि सेना को हर मोर्चे के लिए तैयार रखना. इस निवेश के जरिए सेना को अत्याधुनिक बनाया जाएगा ताकि दुश्मन की किसी भी हिमाकत का कड़ा जवाब दिया जा सके.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया 2021 (Aero India 2021) में कहा कि आने वाले 7-8 सालों में भारत सैन्य आधुनिकीकरण पर बड़ा निवेश करने जा रहा है. बता दें कि इस वक्त लद्दाख में चीन के साथ तनातनी चल रही है. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. वहीं, पाकिस्तान की हरकतें किसी से छिपी नहीं है. ऐसे में भारत ने हर मोर्चे के लिए बड़ी तैयारी कर रहा है.

रक्षा मंत्री ने कहा, 'हमारी कोशिश हिंद महासागर में संसाधनों एवं प्रयासों का समन्वय करना है, जिसमें भाग लेने वाले देशों के बीच रक्षा उद्योग एवं अन्य औद्योगिक सहयोग शामिल हैं.' उन्होंने कहा कि आईओआर के बहुत से देश वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं और नयी प्रौद्योगिकी का विकास कर रहे हैं, जिसमें रक्षा शिपयार्ड के लिये डिजाइन और जहाज निर्माण शामिल हैं, जिन्हें क्षेत्रीय सहयोग के प्रयासों के माध्यम से संयुक्त रूप से तैयार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारतीय एयरोस्पेस एवं रक्षा उद्योग विदेशी कंपनियों के लिये एक आकर्षक एवं महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं. सिंह ने कहा, 'भारत विभिन्न प्रकार की मिसाइल प्रणाली, हल्के लड़ाकू विमान/हेलीकॉप्टर, बहुद्देशीय हल्के परिवहन विमान, जंगी जहाज और गश्ती पोत, तोप प्रणाली, टैंक, रडार, सैन्य वाहन, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली एवं अन्य हथियार प्रणाली आईओआर देशों को आपूर्ति कराने के लिये तैयार है.'

आईडेक्स स्टार्ट-अप के लिए राशि बहुत कम: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने अधिकारियों से आइडेक्स के तहत स्टार्ट-अप संस्थाओं को मिलने वाले अनुदान को भी बढ़ाने को कहा. कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार को हो गई थी. कोरोना वायरस महामारी के चलते इस ईवेंट के नियमों में बदलाव किए गए हैं. सिंह ने कहा, ‘मैंने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत से बात की थी और उन्होंने भी इस बात पर चिंता जताई थी कि हमारे आईडेक्स स्टार्ट-अप के लिए राशि बहुत कम है. सचिव रक्षा उत्पादन और सचिव रक्षा देखें कि यह किस तरह बढ़ सकती है. मुझे लगता है कि यह बहुत कम है.’ बेंगलुरु में एयरो इंडिया-2021 में ‘स्टार्टअप मंथन’ को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सामरिक स्वायत्तता के लिए रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ‘आईडेक्स पहल हमारे देश में तैयार एक बहुत प्रभावी और अच्छी तरह क्रियान्वित रक्षा स्टार्ट-अप प्रणाली है. मेरा मानना है कि यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की सच्ची भावना में आत्म-निर्भरता हासिल करने की दिशा में निर्णायक कदम है.’ आईडेक्स पहल की शुरुआत अप्रैल 2018 में हुई थी. इसका उद्देश्य मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम (एमएसएमई), स्टार्ट-अप, नवोन्मेषक, अनुसंधान और विकास संस्थान आदि की साझेदारी के साथ रक्षा और एयरोस्पेस में आत्म-निर्भरता प्राप्त करना तथा नवोन्मेष एवं प्रौद्योगिकी विकास को मजबूत करना है.

सिंह ने कहा कि स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत के बाद यह अभियान पूरी तरह सफल रहा है और आज 41,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं और इनमें 4.7 लाख लोगों को नौकरियां मिली हैं. उन्होंने कहा कि ‘फंड ऑफ फंड्स’ योजना के माध्यम से 384 स्टार्ट-अप में 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.



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सिंह ने कहा कि ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि देश की अर्थव्यवस्था को जल्द ही ये स्टार्ट-अप संचालित करेंगे. सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सचेत है कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में हाल ही में प्रवेश करने की वजह से स्टार्ट-अप पर अतिरिक्त जोर देना होगा.

उन्होंने कहा, ‘इस मकसद से हमने निजी उद्योगों के इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और मजबूती प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं.’ रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरोस्पेस क्षेत्र में ही इस समय 300 से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं और आईडेक्स के तहत 10 स्टार्ट-अप ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पाद विकसित किये हैं जिनका एयरो इंडिया 2021 में प्रदर्शन किया गया है.



उन्होंने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि एयरो इंडिया में भाग लेने वाले 45 एमएसएमई को 203 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिल चुका है. यह बहुत अच्छी खबर है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में यह और बढ़ेगा.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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