सेना के कमांडरों से रूबरू हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कहा-सेना ने मुश्किल स्थितियों को बेहतरीन ढंग से संभाला

सोमवार से शुरू हुए इस चार दिवसीय कार्यक्रम की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे कर रहे हैं. (फोटो: ANI/Twitter)
सोमवार से शुरू हुए इस चार दिवसीय कार्यक्रम की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे कर रहे हैं. (फोटो: ANI/Twitter)

चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) शामिल हुए. इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Narvane), सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मौजूद थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 6:35 PM IST
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नई दिल्ली. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी दिल्ली में आयोजित आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (Army Commanders Conference) में पहुंचे. चार दिन तक चलने वाली इस कान्फ्रेंस की शुरुआत 26 अक्टूबर को हुई थी. इसकी अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए “मौजूदा सुरक्षा माहौल” को संभालने के अंदाज के लिए सेना की तारीफ की.

राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भारतीय सेना ने आजादी के बाद से ही देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर आई चुनौतियों का ठीक तरह से सामना किया है. उन्होंने लिखा, 'फिर चाहे आतंकवाद, विद्रोह या कोई बाहरी हमला हो, सेना ने इन खतरों को रोकने में जरूरी भूमिका निभाई है.'

भारत-चीन सीमा विवाद पर की बात
पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में भारत और चीन की सेनाओं के बीच पांच महीने से भी ज्यादा समय से गतिरोध बना हुआ है और दोनों पक्षों ने क्षेत्र में 50-50 हजार से ज्यादा सैनिकों की तैनाती कर रखी है जो गतिरोध की गंभीरता को दिखाता है. इस परेशानी को दूर करने के लिए कई बार बात हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है.



राजनाथ सिंह ने कहा, 'सुधारों के मार्ग पर आगे बढ़ रही सेना को हर सुविधा देने और सभी क्षेत्रों में बढ़त हासिल करने में मदद के लिए रक्षा मंत्रालय प्रतिबद्ध है. हम अपने सशस्त्र बलों को मजबूत बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे.'

अमेरिकी अधिकारियों से की थी मुलाकात
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भारत पहुंचे थे. इससे पहले राजनाथ ने एस्पर से भी मुलाकात की थी. जबकि, माइक पॉम्पियो से विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले थे. इस मुलाकात में बेसिक एक्सचेंज एड कॉपरेशन एग्रीमेंट (Basic Exchange and Cooperation Agreement(BECA)) समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए थे.
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