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श्रीनगर पहुंचा यूरोपीय सांसदों का डेलीगेशन, विपक्ष ने मोदी सरकार पर किए ये तंज

News18Hindi
Updated: October 29, 2019, 3:50 PM IST

कश्मीर (Kashmir) जाने वाले यूरोपीय सांसदों की टीम में इटली के फल्वियो मार्तुसीलो, यूके के डेविड रिचर्ड बुल, इटली की गियाना जेनिसा, फ्रांस की जूली लिचेनटेक्स, चेक रिपब्लिक के टॉमस ज़ेकोवस्की, स्लोवाकिया के पीटर पोलाक और जर्मनी के निकोलस फेस्ट शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल के कुल 27 सदस्यों में से 22 दक्षिणपंथी समर्थक के तौर पर जाने जाते हैं.

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श्रीनगर. आर्टिकल 370 हटने के बाद यूरोपीय सांसदों का एक दल कश्मीर (Kashmir) दौरे  पर आया है. 27 सदस्यों का डेलीगेशन बस के जरिए श्रीनगर पहुंचा. आर्टिकल 370 को कमजोर किए जाने के करीब तीन महीने बाद ये किसी विदेशी दल का पहला दौरा है. इसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है.

प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विदेशी सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर मोदी सरकार को घेरा है. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया- 'कश्मीर में यूरोपीय सांसदों को सैर-सपाटा और हस्तक्षेप की इजाजत लेकिन भारतीय सांसदों और नेताओं को पहुंचते ही हवाई अड्डे से वापस भेजा गया. बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है यह.'

प्रियंका से पहले राहुल गांधी ने EU सांसदों को जम्मू-कश्मीर जाने देने और भारतीय सांसदों पर 'बैन' को लेकर सवाल उठाए थे. कांग्रेस के पू्र्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'यूरोप के सांसदों का जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए स्वागत है, लेकिन भारतीय सांसदों पर प्रतिबंध है और एंट्री नहीं है. इसमें कहीं न कहीं कुछ बहुत गलत है.'

इसके अलावा एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'यूरोपीय संसद के सांसद जो इस्लामोफोबिया के शिकार हैं, कश्मीर दौरे के लिए उनका चुनाव किया गया है. ऐसे लोग मुस्लिम बहुल घाटी जा रहे हैं.' ओवैसी ने दल में शामिल सांसदों को नाजी लवर भी बताया है. यहां तक कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सरकार के इस कदम का विरोध किया है.

दौरे के बीच पत्थरबाजी की खबर
हालांकि, EU सांसदों के दौरे के बीच श्रीनगर के कुछ हिस्सों से पत्थरबाजी की खबरें आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ कश्मीर में पथराव हुआ है. बताया जा रहा है कि विदेशी मेहमानों के दौरे की वजह से घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया था. ऐसे में पहले से ही तमाम प्रतिबंध झेल रहे लोगों में आक्रोश भी है.
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कश्मीर जाने वाले डेलीगेशन में शामिल हैं ये नेता
कश्मीर जाने वाले यूरोपीय सांसदों की टीम में इटली के फल्वियो मार्तुसीलो, यूके के डेविड रिचर्ड बुल, इटली की गियाना जेनिसा, फ्रांस की जूली लिचेनटेक्स, चेक रिपब्लिक के टॉमस ज़ेकोवस्की, स्लोवाकिया के पीटर पोलाक और जर्मनी के निकोलस फेस्ट शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल के कुल 27 सदस्यों में से 22 दक्षिणपंथी समर्थक के तौर पर जाने जाते हैं. इन सदस्यों में वे नेता शामिल हैं जो इटली में परदेसियों के बसने के विरोधी हैं. ये सांसद यूके में ब्रेक्जिट का समर्थन करते हैं और कुछ सदस्य तो मुस्लिम विरोधी विचारधारा के भी हैं.



कश्मीर में क्या करेगी विदेशी सांसदों की टीम
बता दें कि 27 यूरोपीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दो दिन के कश्मीर दौरे पर है. इस दौरान ये सांसद आर्टिकल 370 हटने के बाद जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे. वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव सांसदों के लिए डिनर का भी इंतजाम कर रहे हैं. EU सांसदों की टीम जम्मू-कश्मीर जाने के बाद दो हिस्सों में बंटेगी. इसमें पहली टीम राज्यपाल और एडवाइज़र्स से मुलाकात करेगी.



इसके साथ ही चुने हुए प्रतिनिधियों से भी मुलाकात होगी. जहां पर वह स्थानीय निवासियों और DC से मुलाकात करेंगे. दोनों ही टीमें श्रीनगर की मशहूर डल लेक भी जाएंगी. इस पूरे दौरे को एक यूरोपियन NGO द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इसमें अधिकतर इटालियन मेंबर हैं.

बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर 5 अगस्त को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अनुच्छेद 370 को कमजोर कर दिया. इस अनुच्छेद के एक प्रावधान को छोड़कर बाकी सभी को खत्म कर दिया गया है. इसके बाद से जम्मू-कश्मीर को मिलने वाले सभी विशेषाधिकार वापस ले लिए गए. 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे.

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First published: October 29, 2019, 2:56 PM IST
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