दिल्ली AIIMS के निदेशक ने कहा- प्लाज्मा थेरेपी कोई जादू की गोली नहीं

गुलेरिया ने कहा कि ये कहना फिलहाल बहुत जल्दबाजी होगी इसके लिए और ज्यादा डेटा को देखने की जरूरत है.  (File Photo)
गुलेरिया ने कहा कि ये कहना फिलहाल बहुत जल्दबाजी होगी इसके लिए और ज्यादा डेटा को देखने की जरूरत है. (File Photo)

Plasama Therapy: दिल्ली एम्स के निदेशक के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी कोई जादू की गोली नहीं है. जहां इसकी जरूरत हो और ये उपयोगी साबित हो हमें इसे वहीं इस्तेमाल में लाना चाहिए बजाय इसके कि हर किसी को इससे फायदा मिले.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 9:06 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने कोविड-19 मृत्यु दर (Covid-19 Fatality Rate) को कम करने में प्लाज्मा थेरेपी (Plasama Therapy) के अवलोकन को लेकर कहा है कि फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहना जल्दी होगी. गुलेरिया ने कहा कि ये कहना फिलहाल बहुत जल्दबाजी होगी इसके लिए और ज्यादा डेटा को देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर (ICMR) के अध्ययन में उन रोगियों की बड़ी संख्या थी जिनको पहले से ही एंटीबॉडी वाला प्लाज्मा दिया गया था. उन्होंने कहा कि यदि आपके पास पहले से ही एंटीबॉडी है, तो इसे बाहर से देने से बहुत फायदा नहीं हो सकता है.

बता दें कि ICMR ने अपने एक अवलोकन में कहा था कि प्लाज्मा थेरेपी ने कोविड मृत्यु दर को कम नहीं किया है. गुलेरिया ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी कोई जादू की गोली नहीं है. जहां इसकी जरूरत हो और ये उपयोगी साबित हो हमें इसे वहीं इस्तेमाल में लाना चाहिए बजाय इसके कि हर किसी को इससे फायदा मिले. गुलेरिया ने कहा कि कोविड से हम जो सीख रहे हैं, वह यह है कि यदि सही समय से उपचार किया जाए तो वह उपयोगी हो सकता है.

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क्या कहा था आईसीएमआर ने
दरअसल, सितंबर महीने में आईसीएमआर द्वारा प्लाज्मा थेरेपी पर किए गए ट्रायल के नतीजे सामने आए थे, जिसमें कहा गया कि प्लाज्मा थेरेपी न तो कोरोना मरीजों की मौत रोकने में कामयाब हो पा रही है और न ही हालात बिगड़ने की रफ्तार पर ब्रेक लगा पा रही है. इसके बाद से ही देश में प्लाज्मा थेरेपी के भविष्य को लेकर अटकलें लग रही हैं.

भारत में 68 लाख से ज्यादा लोग हुए ठीक
गौरतलब है कि भारत में पिछले 24 घंटों में 55,839 नये मामले सामने आने से देश में संक्रमण के कुल मामले 77 लाख से अधिक हो गए, जबकि ठीक होने वाले लोगों की संख्या 68 लाख के पार हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के 55,839 नए मामले सामने आने के साथ देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 77,06,946 तक पहुंच गयी, जबकि 702 और मौतें होने से देश में इस महामारी में मरने वालों की संख्या 1,16,616 तक पहुंच गई.

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देश में कुल 68,74,518 लोग अब तक इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं, जिससे मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 89.20 प्रतिशत हो गई है, जबकि इस मामले में मृत्यु दर 1.51 प्रतिशत है.

कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार छठे दिन आठ लाख से नीचे रही.
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