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Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में स्कूलों पर लगा ताला, AAP सरकार आज सुप्रीम कोर्ट में रखेगी लॉकडाउन का प्लान

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में स्कूलों पर लगा ताला, AAP सरकार आज सुप्रीम कोर्ट में रखेगी लॉकडाउन का प्लान

दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम लागू कर रही है. (फोटो: AP)

दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम लागू कर रही है. (फोटो: AP)

Air Pollution in Delhi: वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में तब माना जाता है जब पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 48 घंटे या उससे अधिक समय तक क्रमशः 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बना रहता है. आयोग ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के खराब होने का एक कारण यह भी है कि थार रेगिस्तान में धूल भरी आंधी से भारी मात्रा में धूल आई जिसने पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ा दिया.

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    नई दिल्ली. वायु प्रदूषण (Air Pollution) के चलते दिल्ली में लॉकडाउन (Lockdown) लगाने पर विचार किया जा रहा है. दिल्ली सरकार सोमवार को इसके संबंध में एक प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सौंप सकती है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को कहा था कि लॉकडाउन का फैसला काफी बड़ा है और इससे पहले बड़े स्तर पर चर्चा की जाएगी. शीर्ष अदालत ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए शनिवार को दिल्ली सरकार से लॉकडाउन के बारे में सोचने के लिए कहा था.

    हालांकि, दिल्ली में बीते कुछ दिनों से हवा का स्तर काफी खराब बना हुआ है. इसका प्रमुख कारण पराली जलाने और दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को माना जा रहा है, लेकिन जानकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और निर्माण कार्यों को भी बड़ी समस्या मान रहे हैं. हालात पर काबू पाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में स्कूल बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं.

    यह भी पढ़ें: दिल्ली के बाद हरियाणा के 4 जिलों में भी 17 नवंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला, पराली जलाने पर बैन

    5 पॉइंट में समझते हैं क्या है राजधानी की मौजूदा स्थिति-
    दिल्ली में सभी स्कूल 15 नवंबर से एक हफ्ते के लिए बंद रहेंगे. गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर में स्कूल्स पर 17 नवंबर तक ताला रहेगा. एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने रविवार को राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी इस तरह की पाबंदियों पर विचार करने की सुझाव दिया है.

    दिल्ली में निर्माण कार्यों पर 17 नवंबर तक प्रतिबंध है. हरियाणा सरकार ने भी NCR के चार जिलों में निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है. पूर्वानुमान के अनुसार, निर्माण पर लगी रोक के चलते अगले दो दिनों में हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा जा सकता है.

    दिल्ली में आपातकालीन सेवाओं के अलावा सभी सरकारी दफ्तर घर से काम करेंगे. यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो रही है. हरियाणा सरकार ने भी दफ्तर के बजाए ज्यादा से ज्यादा घर से काम करने की बात कही है.

    आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं. इनमें डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगाना, पार्किंग फीस बढ़ाना, मेट्रो और बस की फेरी बढ़ाने जैसी चीजें शामिल हैं.

    दिल्ली में उड़ती धूल से निपटने के लिए 400 टैंकर पानी का छिड़काव करेंगे. इसके अलावा सरकार पराली को सड़ाने के लिए बायो-डिकम्पोजर के छिड़काव के काम को 20 नवंबर तक पूरा कर लेगी.

    वायु गुणवत्ता आयोग ने संबंधित राज्यों और एजेंसियों को जीआरएपी के तहत सूचीबद्ध ‘आपातकालीन उपायों’ को लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा. वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में तब माना जाता है जब पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 48 घंटे या उससे अधिक समय तक क्रमशः 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बना रहता है. आयोग ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के खराब होने का एक कारण यह भी है कि थार रेगिस्तान में धूल भरी आंधी से भारी मात्रा में धूल आई जिसने पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ा दिया.

    नियमों को लेकर सख्त दिल्ली सरकार
    दिल्ली यातायात पुलिस ने प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने और पुराने वाहनों को चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शहर के 170 स्थानों पर टीम तैनात की. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. शहर में बढ़ रहे प्रदूषण स्तर के खिलाफ सरकार की शीतकालीन कार्य योजना के कार्यान्वयन के लिए यह कार्रवाई की जा रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शनिवार को एक बैठक में शहर के प्रदूषण संकट से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों की घोषणा की थी. (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Air Quality, AQI, Delhi air pollution, Lockdown, Lockdown in Delhi, Supreme Court

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