Assembly Banner 2021

दिल्ली विधानसभा की सद्भाव कमेटी ने फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष को किया तलब, दंगों को लेकर होगी पूछताछ

Facebook

Facebook

फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों (Delhi Riots) पर दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की शांति और सद्भाव कमेटी ने फेसबुक इंडिया (Facebook India) के उपाध्यक्ष अजित मोहन को समन भेजा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2020, 12:26 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से (North East Delhi) में इस साल फरवरी में हुए दंगों पर दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की शांति और सद्भाव कमेटी ने फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजित मोहन को समन भेजा है. आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक राघव चड्ढा (Raghav Chadha) की अगुवाई वाली समिति ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म द्वारा जानबूझकर हेट स्पीच वाले कन्टेंट्स को नहीं हटाया गया.

इससे पहले चड्ढा ने कहा था कि दिल्ली दंगों (Delhi Violence) में फेसबुक (Facebook) का बड़ा हाथ था. इसलिए फेसबुक को दिल्ली दंगों की जांच में सह-अभियुक्त की तरह मानना चाहिए और उसकी जांच होनी चाहिए.

चड्ढा ने कहा था, ‘स्वतंत्र जांच एजेंसी की निष्पक्ष जांच के बाद फेसबुक के खिलाफ कोर्ट में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की जानी चाहिए. अपना बचाव करने और अपना पक्ष रखने के लिए फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को कमेटी समन जारी करेगी.’  आप नेता के मुताबिक, फेसबुक पर जिस प्रकार के मटेरियल का प्रचार किया गया कोशिश यह थी कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दंगा हो जाए, लेकिन सफल नहीं हुए.



यह भी पढ़ें: Delhi Violence: शरजील इमाम की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने 1 अक्टूबर तक Judicial Custody में भेजा
कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में पेश  हो- चड्ढा
बीते महीने 31 अगस्त को बैठक में तीन गवाहों ने इस समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था जिसके बाद चड्ढा ने यह आरोप लगाए थे.   चड्ढा ने कहा था कि बीते कुछ दिनों की सुनवाई के दौरान जो शिकायतें हमें मिली हैं, उसके आधार पर और गवाहों को सुनने और उनके समिति के सामने जो समित रखे गए. इनको पढ़ने और अध्ययन करने के बाद यह कमेटी इस प्रारंभिक विचार पर पहुंची है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि फेसबुक का दिल्ली दंगों में हाथ था और फेसबुक को दिल्ली दंगों की जांच में एक सह-अभियुक्त की तरह मानना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Delhi Violence: SIT ने दंगों के एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, 6 महीने से तलाश रही थी क्राइम ब्रांच

उन्होंने कहा कि उसकी जांच होनी चाहिए और फेसबुक सह-अभियुक्त मानते हुए जांच के बाद उसके खिलाफ कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए. दिल्ली दंगों का मसला अभी कोर्ट में चल रहा है. यह स्वतंत्र जांच एजेंसी निष्पक्ष जांच करने के बाद यदि यह पाती है कि फेसबुक के खिलाफ जो आरोप लगे हैं, उनमें वजन है, तो एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी फेसबुक के खिलाफ कोर्ट में दिल्ली दंगों के मामले में दर्ज होनी चाहिए.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज