दिल्ली: लैंड पूलिंग पॉलिसी पर डीडीए ने जनता से मांगी राय

दिल्ली को स्मार्ट सिटी से भी बेहतर बनाने की सोच को लेकर डीडीए ने लैंड पूलिंग पॉलिसी पर जनता की राय मांगी है. डीडीए ने इसके लिए एक नोटिफिकेशन निकाला है जिसके तहत जनता अपने सुझाव और आपत्तियां डीडीए को लिखित में डीडीए कमिश्नर एंव सेक्रेटरी दिल्ली, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी को ‘बी’ ब्लॉक, विकास सदन नई दिल्ली 110023 पर नोटिफिकेशन की तारीख से 45 दिन के दर भेज सकती है.

Amit Singh | News18Hindi
Updated: January 13, 2018, 9:22 PM IST
दिल्ली: लैंड पूलिंग पॉलिसी पर डीडीए ने जनता से मांगी राय
दिल्ली विकास प्राधिकरण Image: Money Control
Amit Singh | News18Hindi
Updated: January 13, 2018, 9:22 PM IST
दिल्ली को स्मार्ट सिटी से भी बेहतर बनाने की सोच को लेकर डीडीए ने लैंड पूलिंग पॉलिसी पर जनता की राय मांगी है. डीडीए ने इसके लिए एक नोटिफिकेशन निकाला है जिसके तहत जनता अपने सुझाव और आपत्तियां डीडीए को लिखित में डीडीए कमिश्नर एवं सेक्रेटरी दिल्ली, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी को ‘बी’ ब्लॉक, विकास सदन नई दिल्ली 110023 पर नोटिफिकेशन की तारीख से 45 दिन के दर भेज सकती है. जिसके बाद सरकार जल्द से जल्द इस पर ड्राफ्ट तैयार कर लैंड पूलिंग पॉलिसी को ज़मीन पर उतारना चाहती है.

आपको बता दें लैंड पूलिंग पॉलिसी पर सितंबर 2013 से काम चालू हुआ था लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त थी. लेकिन जब से हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर बने और दिल्ली की कमान लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल के हाथ आई तब से इस पॉलिसी पर जोर-शोर से काम शुरू हो गया.

16 जून 2017 को डीडीए ने अपना डेवलपमेंट एरिया नोटिफाई किया था जिसके तहत 95 गांव को शामिल किया गया. इसके बाद लगातार मीटिंग का दौर जारी रहा और नतीजा ये निकला कि अब सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए डेवलपर को 60 प्रतिशत हिस्सा देने का फैसला लिया है.

इसके तहत लैंड पॉलिसी के तहत ली गई जमीन का 60 और 40 के अनुपात में बंटवारा किया जाएगा यानी 40 फीसदी जमीन पर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. 60 फीसदी भूमि उसके मालिक को वापस की जाएगी, जिसमें से 53 प्रतिशत जमीन पर आवासीय यूनिट्स बनाई जा सकेंगी जबकि पांच फीसदी पर सिटी स्तर पर कॉमर्शियल इस्तेमाल और दो फीसदी पब्लिक और सेमी पब्लिक इस्तेमाल के लिए विकसित किया जा सकेगा.

आपको बता दें पहले ये हिस्सेदारी डीडीए को 52 फ़ीसदी और डेवलपर को 48 फ़ीसदी ज़मीन देने की तय हुई थी, जिससे डेवलपर और किसान दोनों नाराज़ थे. लेकिन अब नई पॉलिसी के तहत डेवलपर और किसान दोनों को ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.

यह पॉलिसी मास्टर प्लान 2021 के पांच जोन जे, के, आई, एल, एन और पी 2 में लागू की जा सकेगी. सरकार की योजना है कि उसकी लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत 22 हजार हेक्टेयर जमीन उपलब्ध हो सकेगी और इस पर बड़ी संख्या में मकानों का निर्माण किया जा सकेगा.

इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग वालों के लिए भी मकान बनाए जा सकेंगे. इसके साथ ही इस पॉलिसी में ऐसा प्रावधान भी किया गया है जिसके तहत लैंड ओनर को अपनी जमीन बेचने के लिए कुछ टाइम ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी, जिससे लैंड ओनर को भी जबरदस्त फायदे होने की उम्मीद की जा रही है. इसके साथ ही पॉलिसी में यह भी प्रावधान रखा गया है कि पूरी प्रक्रिया सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से होगी जिससे काम आसानी और जल्द पूरा किया जा सकेगा.

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