कोरोना वायरस: बीते एक हफ्ते में सुधरे दिल्ली में हालात, दोगुने हुए टेस्ट, बेड की संख्या भी बढ़ी

कोरोना वायरस: बीते एक हफ्ते में सुधरे दिल्ली में हालात, दोगुने हुए टेस्ट, बेड की संख्या भी बढ़ी
देश की राजधानी में जून के दूसरे सप्ताह में सबसे अधिक मामले सामने आए थे जबकि 15 जून के बाद ये आंकड़े काफी हद तक कम हुए हैं.

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली (Delhi) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के ज्यादा मामले होने के बाद भी हालात काफी हद तक काबू में हैं. दिल्ली में संक्रमण का दर कम है. दिल्ली सरकार का दावा है कि राजधानी में जो भी सक्रिय मामले हैं उनमें से अधिकतर की स्थिति स्थिर है.

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नई दिल्ली. देश भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के केस तेजी से बढ़ रहे हैं.  दिल्ली में फिलहाल 70 हजार से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं. राष्ट्रीय राजधानी में आखिरी अपडेट तक 70,390 मामले सामने आए हैं जिसमें से 26,588 एक्टिव केस हैं. यहां अब तक 41,437 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 2365 लोगों की अब तक मौत हुई है. लेकिन अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में ज्यादा मामले होने के बाद भी हालात काफी हद तक काबू में हैं. दिल्ली में संक्रमण का दर कम है. दिल्ली सरकार का दावा है कि राजधानी में जो भी सक्रिय मामले हैं उनमें से अधिकतर की स्थिति स्थिर है. इसके साथ ही यहां रिकवरी रेट भी ज्यादा है.

देश की राजधानी में जून के दूसरे सप्ताह में सबसे अधिक मामले सामने आए थे जबकि 15 जून के बाद ये आंकड़े काफी हद तक कम हुए हैं. 21 जून को राजधानी में संक्रमण के 59,746 मामले थे जबकि इसमें सक्रिय मामलों की संख्या सिर्फ 24, 558 थी. वहीं 15-21 जून के बीच अब तक के सबसे ज्यादा 17, 190 मरीज ठीक हुए हैं. इतना ही नहीं दिल्ली का रिकवरी रेट भी बढ़कर राष्ट्रीय दर के बराबर 55 प्रतिशत हो गया है.

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खाली बेड्स की संख्या में हुआ इजाफा
पिछले काफी दिनों से दिल्ली के अस्पतालों में बेड्स की उपलब्धता को लेकर भी कई सवाल उठ रहे थे जिसे लेकर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार और केंद्र सरकार की भी चिंताएं बढ़ गई थीं. लेकिन जैसे-जैसे राष्ट्रीय राजधानी के मरीजों की हालत में सुधार होता गया वैसे-वैसे अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की चिंताएं भी थोड़ी कम हुईं. अगर आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो जून के पहले हफ्ते की तुलना में तीसरे हफ्ते तक आधे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है. जहां 1 जून से 7 जून के बीच 1,664 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया वहीं 15-21 जून के बीच 735 बिस्तर की ही आवश्यकता पड़ी. वहीं इसका औसत भी कम हुआ है. पहले जहां हर हफ्ते में 215 बेड भर रहे थे वह जून के पहले दो हफ्तों में 171 हुए वहीं अब ये 15-21 जून के बीच 105 हो गए हैं.

मौतों में भी आई थोड़ी कमी
कोरोना वायरस से मौतों में भी इस हफ्ते में कमी आई है. हालांकि ये मौतें अभी भी पहले की तुलना में अधिक हैं लेकिन 8-14 जून के बीच जहां 515 मौतें हुई थीं वहीं 15-21 जून के बीच 504 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में जांच के दायरे को भी पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है. पिछले हफ्तों की तुलना में इसे 51 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया. जहां 8-14 जून के बीच 38,947 जांचें हुईं वहीं 15-21 जून के बीच जांचों की संख्या बढ़कर 79,442 हो गईं.

वहीं पिछले हफ्ते में दिल्ली में खाली बेड्स की संख्या बढ़कर 2913 हो गई है, इसे प्रतिशत में देखा जाए तो वर्तमान समय में दिल्ली में 51 प्रतिशत बेड खाली हो गए हैं.
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