सेफ जोन में जा रही दिल्ली, 18 दिन में 68,880 मरीज हुए ठीक, अब भर्ती हो रहे सिर्फ 300 मरीज!

लगातार कम हो रहे संक्रमित मरीजों के आंकड़े से दिल्ली अब सेफ जोन की ओर बढ़ रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लगातार कम हो रहे संक्रमित मरीजों के आंकड़े से दिल्ली अब सेफ जोन की ओर बढ़ रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Covid 19: आंकड़ों की माने तो 10 मई को कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 85,258 था जो 27 मई को घटकर 16,378 रिकॉर्ड किया गया है. इन आंकड़ों की बात करें तो पिछले 17 दिनों में दिल्ली में कोरोना संक्रमित 68,880 मरीजों ने कोरोना को मात दी है. बात अगर 29 अप्रैल को भर्ती हुए मरीजों की करें तो वह 1,993 रिकॉर्ड किया गया था और 26 मई को नए मरीजों की भर्ती 300 रिकॉर्ड की गई.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) संक्रमण से मचे कोहराम के बाद अब हालात सुधरने लगे हैं. लगातार कम हो रहे संक्रमित मरीजों के आंकड़े से दिल्ली अब सेफ जोन की ओर बढ़ रही है. दिल्ली में अब हर रोज कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा घटकर 1,000 को छूने लगा है. वहीं, पॉजिटिविटी रेट भी प्रतिदिन अब 1.53 फीसदी पहुंच चुका है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो 10 मई से 27 मई तक बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों ने रिकवरी की है.

आंकड़ों की माने तो 10 मई को कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 85,258 था जो 27 मई को घटकर 16,378 रिकॉर्ड किया गया है. इन आंकड़ों की बात करें तो पिछले 17 दिनों में दिल्ली में कोरोना संक्रमित 68,880 मरीजों ने कोरोना को मात दी है.

संक्रमित मरीजों की संख्या घटकर हुई 16,378

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए आंकड़ों की माने तो 10 मई को संक्रमितों की कुल संख्या 85,258 रिकॉर्ड की थी जो कि तेजी से घटते हुए 22 मई को 31,308 रिकॉर्ड की गई. वहीं, अगले दिन 23 मई को यह 27,610 पहुंच गई. और 27 मई को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमित मरीज 16,378 रह गए हैं.
29 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हुए थे सबसे ज्यादा 1,993 मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जहां संक्रमित मरीज तेजी से रिकवरी कर डिस्चार्ज हो रहे हैं. वहीं, यह आंकड़े भी दिल्ली के लिए अच्छे हैं कि अस्पतालों में नये भर्ती मरीजों का ग्राफ बहुत कम दर्ज किया जा रहा है.

बात अगर 29 अप्रैल को भर्ती हुए मरीजों की करें तो वह 1,993 रिकॉर्ड किया गया था जिसको उस समय का मरीजों का अस्पताल में पहुंचना चरम पर माना गया है. यही आंकड़ा घटते हुए  20 मई को 560 रिकॉर्ड किया गया है. जबकि डिस्चार्ज होने वालों का आंकड़ा 978 दर्ज किया गया.



अस्पतालों में सिर्फ 300 नए मरीज हो रहे भर्ती

आंकड़े यह भी बताते हैं कि 5 अप्रैल के बाद सबसे कम नए मरीजों के भर्ती होने की संख्या 23 मई (रविवार) को दर्ज की गई. इस दिन सबसे कम 412 मरीज भर्ती हुये तो 905 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया.

यह आंकड़ा 24 मई को नए मरीजों के भर्ती होने का 332 और डिस्चार्ज 625, 25 मई को नए मरीजों की भर्ती 388, तो डिस्चार्ज 919, और 26 मई को नए मरीजों की भर्ती 300 और डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 644 से रिकॉर्ड की गई.

अस्पतालों में बेड उपलब्धता का स्टेट्स पता करने को हर रोज मिलती थी 450 कॉल

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जिस तरीके से मरीजों की संख्या अब कम हो रही है. उस तरह से अब कोविड हेल्पलाइन 1031 पर भी कॉल कम रिसीव हो रही हैं. बताया जाता है कि जब कोरोना पीक पर था तो सिर्फ 1031 पर ही हर रोज 450 कॉल अस्पतालों में बेड की उपलब्धता का स्टेट्स पता करने के लिए ही प्राप्त हो रही थीं. वहीं, अब इन सभी की एक साप्ताहिक अनुमानित आंकड़े की बात करें तो यह घटकर अब हर रोज 150 कॉल पर आ गई है.

दूसरी लहर में 18-45 और 45-60 साल के लोगों की ज्यादा मौतें

दिल्ली सरकार के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी माह में कोविड से होने वाली मौतों में 62 फीसदी लोग 60 साल से ज्यादा की उम्र के थे. वहीं, अप्रैल माह में जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो उनका यह आंकड़ा 50 फीसदी हो गया. आंकड़े बताते हैं कि दूसरी लहर में 18 से 45 साल के लोगों की मौत का आंकड़ा 13 पर्सेंट से बढ़कर 18 पर्सेंट हो गया.

उसी तरह से 45 से 60 साल के बीच के लोगों की मौत का आंकड़ा भी 25 से बढ़कर 32 फीसदी हो गया. यानी कोरोना की दूसरी लहर में 18 से 45 और 45 से 60 साल के बीच के लोगों की ज्यादा मौतें हुई हैं.

अब तक हो चुकी है 23,812 लोगों की मौत

दिल्ली के सेफ जोन की ओर जाने के संकेत तो बहुत अच्छे मिल रहे हैं. लेकिन जिस तरीके से अभी मौतें हो रही हैं, वह काफी चिंताजनक हैं. 27 मई को भी 117 लोगों की जान कोरोना की वजह से चली गई. वहीं, अब तक 23,812 लोगों की मौत हो चुकी है और मृत्यु दर भी 1.67 फीसदी पहुंच गई है.

ICU में भर्ती गंभीर मरीजों की संख्या 5,000 से ज्यादा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का यह भी मानना है कि एक्टिव केस और नॉन आईसीयू मरीजों की भर्ती तेजी से कम हो रही है. लेकिन आईसीयू में भर्ती मरीजों का यह आंकड़ा कम नहीं हो रहा है. इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि जो गंभीर मरीज हैं, उनको रिकवर होने में ज्यादा टाइम ले रहे हैं. 22 मई तक ICU में भर्ती इस तरह के गंभीर मरीजों की संख्या 5,000 से ज्यादा है.

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